हम भी उन्मुक्त जी की तरह भारत के एक छोटे से कस्बे में रहने वाले एक आम भारतीए है। अपने कस्बे की गलियों में हम सालों से चप्पल चटका रहे है, हर मेहमान के संग खरीदो-फरोख्त करवा रहेे है और सड़… more →
रत्ना की रसोईदरभंगिया wrote 3 weeks ago: “Karunaanidhi” Fasting (with coolers) and Rahul working … more →
दरभंगिया wrote 4 weeks ago: बहुत इच्छा हुई कि पता करें कौन से ब्लॉगर कहाँ से लिखते हैं. खास कर जो नियमित हैं. आप कहेंगे जानकर क् … more →
दरभंगिया wrote 1 month ago: बंगलोर से गाँव जाने का रास्ता ५४ घंटे का है (यदि भारतीय रेल के समय सारणी पर विश्वास करें तो) पर मुझे … more →
दरभंगिया wrote 1 month ago: सुबह हो गयी है. अर्धांगी कल निकल गयी आधी जान को वापस पाने के लिए अभी तक अचेत लेटी है. पुत्र जागते हु … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: ब्लॉगवाणी पर किसी लेख पर लगे क्लिक्स की संख्या लिखी रहती है कोष्ठक में। मगर पढ़ते हुए कोष्ठक नहीं प … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आज बहुत दिनों बाद नवभारत टाइम्स की साइट पर जाना हुआ। देखिये तो मुख्य पृष्ठ पर कितने महत्वपूर्ण समाच … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: अंग्रेजी में इस तरह की चेन इमेल तो सभी को आती होंगी जिसमें कोई सूचना, मजेदार फोटो या चुटकुले होते … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आपको याद होगा कि एक बार जब मैंने हिंदी के कुछ चिट्ठाकारों के नाम गूगल पर हिंदी में सर्च किये तो ये … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: दिल्ली के दक्षिण पश्चिम में बसा है द्वारका सब सिटी। यहां की खुली सड़कें मन को बहुत लुभाती हैं। किसी भ … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आज जीतू भाई से दिल्ली में मिलने से पहले मैं अपना आयकर रिटर्न जमा करवाने ITO गया। कई सालों से देख र … more →
ratna wrote 1 year ago: हम भी उन्मुक्त जी की तरह भारत के एक छोटे से कस्बे में रहने वाले एक आम भारतीए है। अपने क … more →
जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: आज नारद पर एक बहुत ही मजेदार चीज देखने को मिली। नारद पर आयी हर पोस्ट का शीर्षक जैसे अपने पहले वाले प … more →
ratna wrote 2 years ago: रत्ना की रसोई का वार्षिक स्थापना दिवस समारोह सम्पन्न हो चुका था। रत्ना जी पार्टी निपट … more →
ratna wrote 2 years ago: ‘कोई दिवाना कहता है‘ एक युवा कवि-कृत, युवकों के ल … more →
ratna wrote 2 years ago: एक विडियो करीब सात महिने पहले हमने अपने चिट्ठे पर ‘शायर बेनाम‘ के ना … more →
ratna wrote 2 years ago: मातृ दिवस के अवसर पर मुनव्वर राना साहिब की किताब … more →
ratna wrote 2 years ago: कल तीस अप्रैल है। हमारे लिए यह दिन बहुत खास है क्योंकि इस दिन हमने नारद संसार में पहला कदम रखा था। … more →
ratna wrote 2 years ago: विपत्ति एंव दुश्वारी, तकलीफ और बिमारी कभी अकेले नहीं चलती। चले भी क्यूँ। आखिर उनकी जा … more →
ratna wrote 2 years ago: रत्ना की रसोई का चुल्हा पूरे तीन महिनों से ठंडा पड़ा था। भई क्यों ? वो हुया यूँ कि व्यस … more →