प्यार का आखरी अंदाज़ बाकी है दिल तोड़ने का रिवाज़ बाकी है मौत के फ़रिश्तों ज़रा कुछ पल ठहरो मेरे आखरी नमाज़ बाकी है चुरा ली उन्होने आज फ़िर आँखें अब भी थोड़ा लिहाज़ बाकी है जाने क्यों ख़ला सा लगता है जाने क्या … more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: प्यार का आखरी अंदाज़ बाकी है दिल तोड़ने का रिवाज़ बाकी है मौत के फ़रिश्तों ज़रा कुछ पल ठहरो मेरे आखरी नमा … more →