एक पल में ही हज़ारों मुद्दतों की बात हो ज़हन में जो ले रहीं उन करवटों की बात हो आओ बोलें प्यार के इख़लास के कुछ लब्ज़ हम ये कहां की बात के बस नफ़रतों की बात हो इक नया ही चाँद लाकर अब उजाला हम करें अब नई सी… more →
इक शायर अंजाना सा...विनय wrote 7 months ago: नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही मुझको मोहब्बत है’ तुम से ही नाज़ है तुम्हें’ थोड़ा ग़ुरूर मुझ … more →
Nidhi KM wrote 8 months ago: वो कहता है, तुम अपना प्यार शब्दों में बयां करती हो कैसे ? वो शब्दों की बात करता है … जो दिल मे … more →
विनय wrote 9 months ago: उसने हमसे कभी वफ़ा न की और हमने भी तमन्ना न की बहुत बोलते हैं सब ने कहा सो आदत-ए-कमनुमा न की बहुत आये … more →
विनय wrote 1 year ago: रोज़ ही होता है होंठों तक बात आते-आते रह जाती है मेरी इक कमी तेरे रू-ब-रू मुझे लब खोलने नहीं देती कित … more →
विनय wrote 1 year ago: यह जिस्म नहीं है, काँच के टुकड़े हैं ज़मीने-वक़्त पर दूर तक बिखरे हैं इन्हें मत छूना हाथों में चुभ जाय … more →
विनय wrote 1 year ago: हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों से अब बात नहीं बनती है तेरी यादों से बोल तुझे इक हर्फ़ में कैसे … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: एक पल में ही हज़ारों मुद्दतों की बात हो ज़हन में जो ले रहीं उन करवटों की बात हो आओ बोलें प्यार के इख़ला … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: मुझसे भी रकीबों की तरह बात ना करो मेरी ही बाज़ी में मुझे तुम मात ना करो इक बार तो कह दो मुझे तुम अपना … more →
विनय wrote 1 year ago: जीज़स से पूछेंगे तुमको बनाया कैसे कम्प्यूटर से रचा या बनाया हाथ से कुछ न कुछ बात तो सभी में थी पर हसी … more →
विनय wrote 1 year ago: दो लफ़्ज़ों में बयाँ कर सकते थे हम अपने दिल की बात गुज़र गये वह सारे लम्हे बिताये थे जो हमने साथ पास तो … more →
विनय wrote 2 years ago: न किसी में वो रंग न किसी में वो बात जो तुम में है… मैं इस दिल को खींचता रहा और दिल मुझको खींच … more →