Blogs about: बिंब प्रतिबिंब
वादे करने और भूलने का सिलसिला
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दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: पूरे करने होते काम तो वादे किए ही क्यो … more »
मरी संवेदना का व्यापार जारी है
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: संवेदना मर गयी है फिर भी उसका व्यापार … more »
इससे तो अकेले में गीत गुनगुनाएं
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जब पास थे तो ऐसा लगता कि बस हमेशा के लिए … more »
कल है पुरुष दिवस
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: कल अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया ज … more »
ब्लोग लेखक और लेखक ब्लोगर
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: ब्लोगरों के वर्गीकरण को लेकर अक्सर सव … more »
यारी को बेगार बना दिया
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: बंद तिजोरियों को सोने और रुपयों की चमक … more »
शब्द का भी होता है नकाब
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: अपने चरित्र पर लगे काले दागों से जो लो … more »
इस ब्लोग की पाठक संख्या १० हजार हुई
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: दीपकबापू कहिन के बाद मेरा यह दूसरा ब्ल … more »
बस यही संदेश इस पावन पर्व पर सुनाते
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: नीचे से ऊपर जाते हुए पटाखे धमाके से का … more »
चाणक्य नीति:यज्ञ हवन से मन में शांति आती है
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: १.इस संसार में कुछ प्राणियों के किसी व … more »
जमीन और आसमान
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: छोटे आदमी को कुचल कर यूं ही सब बडे होते … more »
संत कबीर वाणी:ज्ञानी कोरी मान्यताओं में नहीं फंसते
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: चाल बकुल की चलत हैं, बहुरि कहावैं हंस त … more »
झूठ को सच जैसा सजाता है विज्ञापन
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: गुलाब का फूल कभी नहीं करता अपनी सुगंध … more »
यह पब्लिक है, सब जानती है
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: हीरो को जन्म दिन हो तो सारे चैनल भौंपू … more »
चाणक्य नीति:निर्धन के लिए सभाएँ विष समान
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: १.प्रत्येक व्यक्ति की दृष्टि अलग-अलग ह … more »
दिल के सोच जैसी होगी दुनिया
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मन का खोखलापन तन को रुग्ण कर देता हैं व … more »
अपनी पहचान ढूंढता आदमी
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: अलग खडा नहीं रह सकता इसलिये भीड़ में श … more »
दिल का क्या हिसाब रखते
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: जिस राह से गुजरे हम वहीं हमसफ़र मिलते ग … more »
दिल हुआ इधर से उधर
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: अंतरजाल पर एक दूसरे के ब्लोग पर कमेन्ट … more »
