बिखरे हुए से फूलों में तूफ़ान की खुशबू आई है इक गद्दार ग़रेबां से ईमान की खुशबू आई है हमने ये ना जाना था के वो कितना अन्जाना था गीली सी उन आँखों से पहचान की खुशबू आई है हैरां दिल की वादी है बिखरी हुई सी… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: बिखरे हुए से फूलों में तूफ़ान की खुशबू आई है इक गद्दार ग़रेबां से ईमान की खुशबू आई है हमने ये ना जाना … more →