मई 1886 का वह रक्तरंजित दिन जब मज़दूरों के बहते ख़ून से जन्मा लाल झण्डा मज़दूरों का त्योहार मई दिवस आठ घण्टे काम के दिन के लिए मज़दूरों के शानदार आन्दोलन से पैदा हुआ। उसके पहले मज़दूर चौदह से लेकर सोलह- सो… more →
बिगुलShaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: मज़दूर वर्ग के लिए सबसे बुरी बातों में से एक शायद यह है कि मई दिवस को आज एक अनुष्ठान बना दिया गया है … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस साईट पर फ़िलहाल नया प्रकाशन बंद कर दिया गया है क्योंकि ‘नई समाजवादी क्रांति का उद्घोषक … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: मई 1886 का वह रक्तरंजित दिन जब मज़दूरों के बहते ख़ून से जन्मा लाल झण्डा मज़दूरों का त्योहार मई दिवस आठ … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: दमन-उत्पीड़न से नहीं कुचला जा सकता मेट्रो कर्मचारियों का आन्दोलन दिल्ली मेट्रो की ट्रेनें, मॉल और दफ् … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: बिगुल संवाददाता कारपोरेट जगत में हमेशा ही मजदूरों का मनमाना शोषण होता रहा है लेकिन अब सरकारी उपक्रम … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: कार्ल मार्क्स फ्रेडरिक एंगेल्स विज्ञान के इतिहास में मार्क्स ने जिन महत्त्वपूर्ण बातों का पता लगाक … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: चुनावी राजनीति के मायाजाल से बाहर आओ! नये मज़दूर इन्कलाब की अलख जगाओ!! देशभर में लोकसभा चुनाव के लिए … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: जनता को सिर्फ यह तय करना है कि वह इसे कितना और बर्दाश्त करेगी! बिगुल डेस्क करीब डेढ़ महीने तक चली देश … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: (बिगुल के स्वरूप पर आत्माराम का पत्र) (जुलाई-अगस्त 1996) कुछ ज्यादा ही लाल… कुछ ज्यादा ही अन्त … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: विशेष सम्पादकीय (बिगुल प्रवेशांक, अप्रैल 1995) आज एक नये क्रान्तिकारी मज़दूर अख़बार की ज़रूरत है। बेह … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: उपरोक्त संक्षिप्त चर्चा के आलोक में मज़दूर साथियों के लिए यह समझना कठिन नहीं होना चाहिए कि मई दिवस क … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: इस पोस्ट की प्रथम किश्त ..मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है! आम मज़दूर साथिय … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: एक बार फ़िर मुक्ति का परचम उठाओ! पूँजी की बर्बर सत्ता के खिलाफ़ फैसलाकुन लड़ाई की तैयारी में जुट जाओ!! … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: लाभकारी मूल्य, लागत मूल्य, मध्यम किसान और छोटे पैमाने के माल-उत्पादन के बारे में मार्क्सवादी दृष्टिक … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: चुनाव? लुटेरों के गिरोह जुटने लगे हैं! जोड़-तोड़, झूठ-फरेब, धार्मिक उन्माद, नफरत, रक्तपात, भ्रष्टाचार … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: power of the working people नई समाजवादी क्रान्ति के उद्घोषक ‘बिगुल’ से सम्बंधित 72 पन्नो … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 9 months ago: ट्रेनों और स्टेशनों को चमकदार बनाए रखने वाले १४०० सफाई कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं, ठेकेदरों … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 9 months ago: पूंजीवाद के पास इस संकट से निकलने का कोई उपाय नहीं लुटेरी पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ लम्बी तैयारी म … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 9 months ago: विश्वव्यापी मंदी पूंजीवाद की लाईलाज बीमारी का एक लक्ष्ण है ! पूंजीवाद के खात्मे के साथ ही इसका अंत ह … more →