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Blogs about: बिगुल

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नई समाजवादी क्रान्ति का उद्घोषक 'बिगुल' के मई-2009 अंक की विषय - सामग्री2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: मज़दूर वर्ग के लिए सबसे बुरी बातों में से एक शायद यह है कि मई दिवस को आज एक अनुष्ठान बना दिया गया है … more →

Tags: भगत सिंह, आंदोलन, सर्वहारा, संघर्ष, बाल श्रम, कविता, एंगेल्स, उदारीकरण, कार्ल मार्क्स

चीनी विशेषता वाले ''समाजवाद'' में मज़दूरों के स्वास्थ्य की दुर्गति

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस साईट पर फ़िलहाल नया प्रकाशन बंद कर दिया गया है क्योंकि ‘नई समाजवादी क्रांति का उद्घोषक … more →

Tags: आंदोलन, क्रांति, मजदूर, मध्यवर्ग का ऊपरी तबक, शोषण-उत्पीड़न, श्रमशक्ति, समाजवाद, सर्वहारा, नवउदारवादी दौर

मई 1886 का वह रक्तरंजित दिन1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: मई 1886 का वह रक्तरंजित दिन जब मज़दूरों के बहते ख़ून से जन्मा लाल झण्डा मज़दूरों का त्योहार मई दिवस आठ … more →

Tags: आह्वान, कम्युनिस्ट, मजदूर, शोषण-उत्पीड़न, श्रमशक्ति, संघर्ष, सर्वहारा, पूँजीपति वर्ग के वफा, मई दिवस

मेट्रो कर्मचारियों का आन्दोलन

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: दमन-उत्पीड़न से नहीं कुचला जा सकता मेट्रो कर्मचारियों का आन्दोलन दिल्ली मेट्रो की ट्रेनें, मॉल और दफ् … more →

Tags: आंदोलन, चर्चा है कि, मजदूर, शोषण-उत्पीड़न, श्रमशक्ति, संघर्ष, सर्वहारा, बेरोजगारी, मजदूरों का जीवन

बच्चों के खून-पसीने से बन रही है बेंगलोर मेट्रो3 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: बिगुल संवाददाता कारपोरेट जगत में हमेशा ही मजदूरों का मनमाना शोषण होता रहा है लेकिन अब सरकारी उपक्रम … more →

Tags: अनुराग, चर्चा है कि, मजदूर, ललकार, शोषण-उत्पीड़न, श्रमशक्ति, सर्वहारा, इमेजनिंग इण्डिया, बाल श्रम

कार्ल मार्क्‍स के जन्मदिन (5 मई) के अवसर पर 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: कार्ल मार्क्‍स फ्रेडरिक एंगेल्स विज्ञान के इतिहास में मार्क्‍स ने जिन महत्त्वपूर्ण बातों का पता लगाक … more →

Tags: क्रांति, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट, मार्क्सवाद, विरासत

पाँच क्रान्तिकारी जनसंगठनों का साझा चुनावी भण्डाफोड़ अभियान

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: चुनावी राजनीति के मायाजाल से बाहर आओ! नये मज़दूर इन्कलाब की अलख जगाओ!! देशभर में लोकसभा चुनाव के लिए … more →

Tags: क्रांति, आह्वान, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, संघर्ष, फासिज्म, साम्राज्यवाद, काले कानून

चुनावी नौटंकी का पटाक्षेप: अब सत्ता की कुत्ताघसीटी शुरू

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: जनता को सिर्फ यह तय करना है कि वह इसे कितना और बर्दाश्त करेगी! बिगुल डेस्क करीब डेढ़ महीने तक चली देश … more →

Tags: आह्वान, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मजदूर, मध्यवर्ग का ऊपरी तबक, शोषण-उत्पीड़न, चुनाव

कुछ ज्यादा ही लाल... कुछ ज्यादा ही अन्तरराष्ट्रीय 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: (बिगुल के स्वरूप पर आत्माराम का पत्र) (जुलाई-अगस्त 1996) कुछ ज्यादा ही लाल… कुछ ज्यादा ही अन्त … more →

Tags: आंदोलन, आह्वान, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मजदूर, मार्क्सवाद, लेनिन

एक नये क्रान्तिकारी मज़दूर अख़बार की ज़रूरत 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: विशेष सम्पादकीय (बिगुल प्रवेशांक, अप्रैल 1995) आज एक नये क्रान्तिकारी मज़दूर अख़बार की ज़रूरत है। बेह … more →

Tags: आंदोलन, आह्वान, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मजदूर, मार्क्सवाद, लेनिन

मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है! ..अंतिम किश्त

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: उपरोक्त संक्षिप्त चर्चा के आलोक में मज़दूर साथियों के लिए यह समझना कठिन नहीं होना चाहिए कि मई दिवस क … more →

Tags: आंदोलन, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मजदूर, मार्क्सवाद, लेनिन, समाजवाद

मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है! ...दूसरी किश्त

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: इस पोस्ट की प्रथम किश्त ..मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है! आम मज़दूर साथिय … more →

Tags: आंदोलन, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मजदूर, मार्क्सवाद, समाजवाद, सर्वहारा

मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: एक बार फ़िर मुक्ति का परचम उठाओ! पूँजी की बर्बर सत्ता के खिलाफ़ फैसलाकुन लड़ाई की तैयारी में जुट जाओ!! … more →

Tags: आंदोलन, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मजदूर, मार्क्सवाद, सर्वहारा, संघर्ष

लाभकारी मूल्य..लागत मूल्य : एक बहस

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: लाभकारी मूल्य, लागत मूल्य, मध्यम किसान और छोटे पैमाने के माल-उत्पादन के बारे में मार्क्सवादी दृष्टिक … more →

Tags: विचारणीय : मीडिया से, लेनिन, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, मार्क्सवाद, श्रम का मूल्य, वर्ग चेतना, मजदूरों का अख़बार, bigul

भारतीय लोकतंत्र की पंचवर्षीय महानौटंकी का मंच सज रहा है!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: चुनाव? लुटेरों के गिरोह जुटने लगे हैं! जोड़-तोड़, झूठ-फरेब, धार्मिक उन्माद, नफरत, रक्तपात, भ्रष्टाचार … more →

Tags: विचारणीय : मीडिया से, भगत सिंह, क्रांति, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, साम्प्रदायिकता, मजदूरों का अख़बार, बीस फीसदी का लोकतन्त

'बिगुल' लक्ष्य और स्वरूप पर बहस

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: power of the working people नई समाजवादी क्रान्ति के उद्घोषक ‘बिगुल’ से सम्बंधित 72 पन्नो … more →

Tags: प्रतिबद्ध, लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन

दिल्ली मेट्रो की चकाचौंध के पीछे की काली सच्चाई[audio]

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 9 months ago: ट्रेनों और स्टेशनों को चमकदार बनाए रखने वाले १४०० सफाई कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं, ठेकेदरों … more →

Tags: नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मजदूर, मार्क्सवाद, सर्वहारा, शिक्षा, अनुभव, मजदूर का ऑडियो अख़बा, मजदूरों का जीवन

जंगल की आग की तरह फैलती विश्वव्यापी आर्थिक मंदी करोडों मेहनतकशों के रोजगार निगल चुकी है [audio]

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 9 months ago: पूंजीवाद के पास इस संकट से निकलने का कोई उपाय नहीं लुटेरी पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ लम्बी तैयारी म … more →

Tags: क्रांति, मजदूर, सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, वैकल्पिक मीडिया, मजदूर का ऑडियो अख़बा

अंतरजाल पर प्रथम बार नई समाजवादी क्रान्ति का उद्घोषक 'बिगुल' फरवरी २००९ का ऑडियो एडिशन 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 9 months ago: विश्वव्यापी मंदी पूंजीवाद की लाईलाज बीमारी का एक लक्ष्ण है ! पूंजीवाद के खात्मे के साथ ही इसका अंत ह … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, संघर्ष, काले कानून, वैकल्पिक मीडिया, Audio


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