जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का जब बढ़ते आते हैं सुबह के क़दम जुस्त-जू की छाया… more →
विनय wrote 7 months ago: जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का जब बढ … more →
Tags: मेरा गीत, चाँद, धूप, दर्द, Heart, Love, पलाश, गुल, दिल
विनय wrote 8 months ago: जादू जैसा छाया पहला-पहला नशा जी में आय … more →
Tags: मेरा गीत, ख़ाब, ख़ुशी, आस्माँ, दूर, इश्क़, Love, दिल, प्यार
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