जहाँ जहाँ मुझे सेहरा दिखायी देता है, मेरी तरह से अकेला दिखायी देता है, यह एक अब्र का टुकडा कहाँ कहाँ बरसे, तमाम दस्त ही प्यासा दिखायी देता है, यह किस मकाम पे लाई है जुस्तजू तेरी, जहाँ से अर्श भी नीचा … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: जहाँ जहाँ मुझे सेहरा दिखायी देता है, मेरी तरह से अकेला दिखायी देता है, यह एक अब्र का टुकडा कहाँ कहाँ … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: अपनी आँखों के समंदर में उतर जाने दे। तेरा मुजरिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे। ऐ नए दोस्त मैं समझूँगा … more →