Blogs about: बुद्धिमान
ऐसा कोई सयाना नहीं रहा
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: कोई हमारे दर्द को आकर सहलाये इस चाह मे … more »
रहीम के दोहे:बकवास करे जीभ, जूते खाए सिर
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: रहिमन जिह्म बावरी, कही गइ सरग पाताल आप … more »
रहीम के दोहे:हंसिनी चुनती है केवल मोती
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मान सहित विष खाप के, संभु भय जगदीश … more »
