कई दिनों के विहार के बाद भगवान् बुद्ध मगध की राजधानी राजगृह से प्रस्थान करने वाले थे। लोगों को जब यह पता चला तो वे उनके लिए भेंट आदि लेकर उनके दर्शनों के लिए आने लगे। अपने शिष्यों के साथ बैठे हुए बुद… more →
Hindizen - निशांत का हिंदीज़ेन ब्लॉगsonyagee wrote 2 weeks ago: “कौन है ?!! ” मंजली ने झल्लाते ही दरवाज़ा खोला. दोपहर के ३ बज रहे थे. न अम्मा जी क … more →
Nishant wrote 2 months ago: कई दिनों के विहार के बाद भगवान् बुद्ध मगध की राजधानी राजगृह से प्रस्थान करने वाले थे। लोगों को जब यह … more →
Nishant wrote 2 months ago: भगवान् बुद्ध ने अपने शिष्यों को दीक्षा देने के उपरांत उन्हें धर्मचक्र-प्रवर्तन के लिए अन्य नगरों और … more →
Nishant wrote 5 months ago: बुद्ध ने अपने शिष्यों को एक दिन यह कथा सुनाई :- श्रावस्ती में एक धनी स्त्री रहती थी जिसका नाम विदेहि … more →
Nishant wrote 6 months ago: बुद्ध ने अपने शिष्यों को एक दिन यह कथा सुनाई:- किसी नगर में एक व्यापारी अपने पाँच वर्षीय पुत्र के स … more →
Nishant wrote 8 months ago: बहुत समय पुरानी बात है। किसी नगर में एक बहुत धनी व्यक्ति रहता था। उसका घर बहुत बड़ा था लेकिन घर से बा … more →
Nishant wrote 9 months ago: एक व्यापारी कपड़े के ५० थान लेकर दूसरे नगर में बेचने जा रहा था। मार्ग में एक स्थान पर वह सुस्ताने क … more →
pryas wrote 11 months ago: एक बार बुद्ध एक गांव में अपने किसान भक्त के यहां गए। शाम को किसान ने उनके प्रवचन का आयोजन किया। बुद् … more →
Nitin Bagla wrote 1 year ago: सुबह सुबह किसी बात पर मूड खराब हुआ तो यह “कूडे के ट्रक वाला सिद्धांत” याद आ गया। कुछ दिन … more →