मेरी बेटी प्ले स्कूल में जाने लगी है और आज उसने पहला होमवर्क किया है.… more →
यह भी खूब रहीNidhi KM wrote 6 days ago: सड़क के गढ्ढों मे, डोलता हुआ, आटो चला जा रहा था, एक स्टॉप मे, नवयुवती के चढ़ते ही, सारी नज़रे उस पर … more →
Nidhi KM wrote 1 month ago: दीपावली की रात… एक घर मे… छोटी-छोटी बेटियाँ, माँ का हाथ बटा रही है, घर मे रंग-रोगन कर, प … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 8 months ago: सुदामा प्रसाद पाण्डेय “धूमिल” की एक और कविता आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ। पता नहीं क्यो … more →
Ajad Panchhi wrote 10 months ago: चौबीस साल तक अपनी बेटी को तहखाने में बंद रख उसके साथ दुराचार कर उसे आठ बच्चों की मां बनाने के आरोपी … more →
pryas wrote 11 months ago: मेरी बेटी प्ले स्कूल में जाने लगी है और आज उसने पहला होमवर्क किया है. … more →
माधव त्रिपाठी wrote 1 year ago: हमेशा ही तो नही होता काम कभी थक जाता है इंसान रुक जाते हैं हाँथ दिमाग हो जाता है शांत कभी तो कलाकार … more →
pryas wrote 1 year ago: 1. बेटी पेट में सपने सजा रही है, माँ ऑटो से अबौर्शन के लिये जा रही है ———— … more →
pryas wrote 1 year ago: मम्मी, पापा अभी तक क्यों नहीं आये? मम्मी, पापा का नाश्ता बन गया क्या? मम्मी, आप पापा से क्यों झगडती … more →
Navin wrote 1 week ago: रउवा सब से आज हम अपना बेटी के बात करत बानी , जब हम भारत में रहनी वोह समय जब हमके घर के बहरी जात देखे … more →