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Blogs about: बेटी

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नवयुवती 2 comments

Nidhi KM wrote 6 days ago: सड़क के गढ्ढों मे, डोलता हुआ, आटो चला जा रहा था, एक स्टॉप मे, नवयुवती के चढ़ते ही, सारी नज़रे उस पर … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, nidhi, Social, अपमान, जवान, नज़र, नवयुवती

-एक दिए की रौशनी तले- (दीपावली त्यौहार)5 comments

Nidhi KM wrote 1 month ago: दीपावली की रात… एक घर मे… छोटी-छोटी बेटियाँ, माँ का हाथ बटा रही है, घर मे रंग-रोगन कर, प … more →

Tags: कविताएँ, छनिकाएँ, कुछ पंक्तियाँ, nidhi, Love, Blessings, Prayers, Wishes, Pain

"घर में वापसी" - धूमिल की एक कविता 4 comments

Satish Chandra satyarthi wrote 8 months ago: सुदामा प्रसाद पाण्डेय “धूमिल” की एक और कविता आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ। पता नहीं क्यो … more →

Tags: सुदामा पांडेय 'धूमिल', गरीब, घर, धूमिल, पत्नी, पिता, माँ, रिश्ते, सुदामा प्रसाद पाण्ड

बेटी को आठ बच्चों की मां बनाने वाला बना बौद्ध

Ajad Panchhi wrote 10 months ago: चौबीस साल तक अपनी बेटी को तहखाने में बंद रख उसके साथ दुराचार कर उसे आठ बच्चों की मां बनाने के आरोपी … more →

Tags: hindi, News

मेरी बेटी का पहला होमवर्क3 comments

pryas wrote 11 months ago: मेरी बेटी प्ले स्कूल में जाने लगी है और आज उसने पहला होमवर्क किया है. … more →

Tags: pryas, मेरी बेटी का पहला होम

हमेशा ही तो नही होता काम 1 comment

माधव त्रिपाठी wrote 1 year ago: हमेशा ही तो नही होता काम कभी थक जाता है इंसान रुक जाते हैं हाँथ दिमाग हो जाता है शांत कभी तो कलाकार … more →

Tags: मेरी कवितायें, बाबा, पिता, काम, आराम, लड़का, लड़की, बच्चे, पप्पू

बेटी7 comments

pryas wrote 1 year ago: 1. बेटी पेट में सपने सजा रही है, माँ ऑटो से अबौर्शन के लिये जा रही है ———— … more →

Tags: मेरी रचना, pryas, Hindi Blog, भगवान, yah bhi khoob rahi

एक बेटी के कुछ सवाल...5 comments

pryas wrote 1 year ago: मम्मी, पापा अभी तक क्यों नहीं आये? मम्मी, पापा का नाश्ता बन गया क्या? मम्मी, आप पापा से क्यों झगडती … more →

Tags: मेरी रचना, pryas, Naresh, hindi, hindichittha, मम्मी, पापा

हमार बेटी आ एगो निरीह/बेचारा बाप के सोच !!

Navin wrote 1 week ago: रउवा सब से आज हम अपना बेटी के बात करत बानी , जब हम भारत में रहनी वोह समय जब हमके घर के बहरी जात देखे … more →

Tags: बेटी आ हमार सोच, भोजपुरी, समाज


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