मैं कुछ कहता हूँ दिल कुछ कहता है मेरे ख़ाबों में न जाने कौन रहता है आया नहीं कभी वह यहाँ पर फिर भी मेरा दिल उस पर मरता है हाँ-४, मेरे दिल में कोई रहता है मेरे दिल में कोई रहता है… बंद आँखों में … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: मैं कुछ कहता हूँ दिल कुछ कहता है मेरे ख़ाबों में न जाने कौन रहता है आया नहीं कभी वह यहाँ पर फिर भी म … more →