विनय wrote 1 year ago: तुमने हमसे हमको चुराया दिल में अपने हमको बसाया हम कुछ दीवाने हो गये हैं हाँ, दूर ख़ुद से हो गये हैं … more →
विनय wrote 1 year ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन्ना दबी-सी मेरे दिल में सुलगा गये मैं कितना तन्हा फिर रहा था … more →