रचना: तस्कीन क़ुरेशी स्वर: बेग़म अख़्तर अब तो यही हैं दिल से दुआएँ, भूलने वाले भूल ही जाएँ वजह-ए-सितम कुछ हो तो बताएँ, एक मोहब्बत लाख ख़ताएँ दर्द-ए-मोहब्बत दिल में छुपाया, आँख के आँसू कैसे छुपाएँ होश और उ… more →
निंदा पुराणअंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: सुदर्शन ‘फ़ाकिर’ स्वर: बेग़म अख़्तर इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़बात ने रोने न दिया वरना क्या बा … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ स्वर: मेंहदी हसन / बेग़म अख़्तर / नूरजहाँ दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के वो जा … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: बेग़म अख़्तर / नय्यारा नूर तूने बुत-ए-हरजाई कुछ ऐसी अदा पाई तकता है तेरी सूरत हर एक तमाशाई पहले … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: शक़ील बदायूँनी स्वर: बेग़म अख़्तर ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया जाने क्यों आज तेरे नाम पे रोना … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: बेग़म अख़्तर कैसी ये धूम मचाई रे, रे कन्हैया रंग छिड़कत हो… मैं तो हूँ नार पराई रे कैसी ये … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: बेग़म अख़्तर ओ बेदर्दी सपने में आजा, कुछ तो बिपतिया कम होइ जाये हम ई नाहीं जानियो साजन, नैना के … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: जिगर मुरादाबादी स्वर: बेग़म अख़्तर तबीयत इन दिनों बेगाना-ए-ग़म होती जाती है मेरे हिस्से की गोया ह … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: मोमिन ख़ान मोमिन स्वर: नय्यारा नूर / बेग़म अख़्तर / ग़ुलाम अली वो जो हम में तुम में क़रार था, तुम्ह … more →