हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों से अब बात नहीं बनती है तेरी यादों से बोल … more →
तख़लीक़-ए-नज़रRohit Jain wrote 6 months ago: कोई बिकाऊ चीज तू ईमान को न बोल बेकार ज़र … more →
विनय wrote 6 months ago: हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों स … more →