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Blogs about: भक्ति

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रहीम क दोहे- दिल लगाकर कम करें कामयाबी तय करें (rahim ke dohe)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: रहिमन मनहि लगाईं कै, देखि लेहू किन कोय नर को बस करिबो कहा, नारायन बस होय कविवर रहीम के मतानुसार मन ल … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दोहे, धर्म, मस्त राम, सन्देश, साहित्य, हिन्दी

बाजार की आस्था या आस्था का बाजार-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: कहीं न्यूजीलैंड में इस बात को लेकर लोग नाराज है कि ‘हनुमान जी पर कंप्यूटर गेम बना दिया गया है और बच् … more →

Tags: Hindi hasya, Hindi friends, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, hindi bhasakar

रहीम संदेशः अच्छी नीयत से काम करें तो मनुष्य क्या परमात्मा मिल जाते हैं1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: <strong>रहिमन मनहि लगाईं कै, देखि लेहू किन कोय नर को बस करिबो कहा, नारायन बस होय</strong … more →

Tags: Hindi writing, web duniya, hindi megzine, web dunia, web jagaran, web bhasakar, web nai duniya, Deepak bharatdeep, हिंदी

हिन्दी, हिन्दू और हिंदुत्व:नए सन्दर्भों में चर्चा (१)

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हिन्दी,हिन्दू और हिंदुत्व शब्दों में जो आकर्षण है उसका कारण कोई उनकी कानों को सुनाई देने वाली ध्वनि … more →

Tags: हिन्दी, समाज, dharm, धर्म, hindi, प्रचार, hindu, ज्ञान, अध्यात्म

व्ही.आई.पी. कहलाने की चाहत-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वैसे तो अपने देख के लोगों की यह पूरानी आदत है कि वह हर तरफ अपने को श्रेष्ठ साबित करना चाहते हैं और अ … more →

Tags: Blogroll, hindi journlism, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, hindi bhasakar

रहीम के दोहे:परिश्रम कर भोजन ग्रहण करें 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चाह गयी चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह जिनको कछु न चाहिए। वे साहन के साह कविवर रहीम का कहना है कि इस संसार … more →

Tags: Blogroll, glogbal dashborad, dharm, bharat, चिन्तन, हिंदी साहित्य, Education, Friends, freinds

संत कबीर वाणी:भक्ति के बिना उद्धार संभव नहीं 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चाल बकुल की चलत हैं, बहुरि कहावैं हंस ते मुक्ता कैसे चुंगे, पडे काल के फंस संत शिरोमणि कबीरदास जीं क … more →

Tags: भारत, चिन्तन, हिंदी साहित्य, साहित्य, Education, web dunia, दीपक भारतदीप, Kabir, सत्संग

संत कबीर वाणी:पत्थर को पूजने से क्या लाभ

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पाहन को क्या पुजिये, जो नहिं दे जवाब अंधा नर आशा मुखी, यौं ही खोवाई आब संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते … more →

Tags: dharm, भारत, bharat, चिन्तन, हिंदी साहित्य, Education, Love, Blogger, arebic

रहीम के दोहे:बैर,प्रेम और यश कोई साथ लेकर पैदा नहीं होता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: यह रहीम निज संग लै, जनमत जगत न कोय बैर, प्रीति, अभ्यास, जस, होत होत ही होय कविवर रहीम कहते हैं की पर … more →

Tags: Blogroll, hindi, अभिव्यक्ति, भारत, bharat, सूचना, हिंदी साहित्य, साहित्य, Education

रहीम के दोहे:सुख में अंहकार दु:ख में कुंठा न पालें 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जब लगि जीवन जगत में, सुख दुख मिलन अगोट रहिमन फूटें गोट ज्यों, परत दुहुन सुर चोट कविवर रहीम कहते हैं … more →

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