१.शत्रु को अपने से अधिक जानकर उसके बल के कारण उपेक्षा कर स्थिर ही रहता है उसको उपेक्षासन कहते हैं। जैसे भगवान् श्री कृष्ण ने सत्यभामा के लिए स्वर्ग से कल्पवृक्ष उठा लिया तब देवराज इन्द्र ने अपनी पूरी … more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.शत्रु को अपने से अधिक जानकर उसके बल के कारण उपेक्षा कर स्थिर ही रहता है उसको उपेक्षासन कहते हैं। ज … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन गली है सांकरी, दूजो न ठहराहिं आपु अहैं तो हरि नहीं, हरि आपुन नाहि संत शिरोमणि रहीम कहते हैं की … more →