संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते हैं ————————– देखा देखी भक्ति का, कबहूँ न चढ़सी रंग विपत्ति पडे यों छाड्सी, केचुली तजत भुजंग संत शिरोमणी कबीरदास जी क… more →
*** दीपक भारतदीप की हिंदी सरिता-पत्रिका*** mastram Deepak Bharatdeep ki hindi patrika***pryas wrote 2 months ago: तीनों लोकों में राधा की स्तुति से देवर्षि नारद खीझ गए थे। उनकी शिकायत थी कि वह तो कृष्ण से अथाह प्रे … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते हैं ————————– देख … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ————————- हर्त ज्ञार् … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: भ्रान्तं देशमनेकदुर्गविषमं प्राप्तं न किंचित्फलं त्यकत्वा जातिकुलाभिमानमुचितं सेवा कृता निष्फला। भुक … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: राजा भर्तृहरि कहते हैं कि —————– भ्रान्तं देशमनेकदुर्गविषमं प्रा … more →