हवा में रहेगी मेरे ख़्याल की बिजली ( a poster on bhagatsingh by ravi kumar, rawatbhata) हवा में रहेगी मेरे ख़्याल की बिजली ये मुश्ते ख़ाक है फ़ानी रहे या ना रहे ००००००००० रवि कुमार… more →
सृजन और सरोकाररवि कुमार, रावतभाटा wrote 2 months ago: हवा में रहेगी मेरे ख़्याल की बिजली ( a poster on bhagatsingh by ravi kumar, rawatbhata) हवा में रहेगी … more →