दीपक बापू तेजी से अपनी राह चले जा रहे थे कि पान की एक दुकान के पास खड़े आलोचक महाराज ने उनको आवाज देकर पुकारा-‘अरे, ओए फ्लाप कवि कहां जा रहे हो, कहीं सम्मान वम्मान का जुगाड़ करना है क्या?’ दीपक बापू चैं… more →
***दीपक भारतदीप की हिंदी पत्रिका*** ***Deepak Bharatdeep ki Hindi patrika***Krishna Kumar Mishra wrote 4 days ago: परिग्रही विचार-कही ये ककरहा नाम के विशाल तालाबों की तलहटी जो पथरीली है यह अंतरिक्ष के कंकड़( meteo … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 6 days ago: अपने देश, इंडिया दैट इज भारत, (and ironically India is actually not Bharat) की भेदभावपूर्ण तथा दोहरी … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 week ago: 1. “We must do our best to form a class who may be interpreters between us and the millions wh … more →
jagadees wrote 1 week ago: महाराष्ट्र विधानसभा में हिन्दी बोलनॆवाला विधायक के खिलाफ एमएनएस और राज ठाकरे के विद्रोह कॆ बारॆ मॆ आ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: हमदर्दी जताने की कला हमें कभी नहीं आई किसी का दर्द देखकर मन रोया मन भर आंसु पर आंखें दरिया न बन पाई। … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 2 weeks ago: ‘साइंटिफिक अमेरिकन’ नामक वैज्ञानिक पत्रिका में एक लेख छपा है ‘The New Science of Temptation’, यानी ‘ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: निरापद रहने की कोशिश निष्क्रिय बना देती है बाहर जलती आग पर दिल को ठंडा रखने की सोच घर को राख बना देत … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: जहां तक भारत की स्वयंवर परंपराओं से जुड़ी कथाओं की हमें जानकारी है तो उसके नायक नायिका तो नयी उम्र के … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सारे जहां की प्यास मिटा सको तुम वह समंदर बनना. भेजे जो आकाश में पानी भरकर मेघ जहां लोग पानी को तरसे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: जब बहता था दरिया में पानी तब भला कौन वादा करता था उसे लाने का। कहीं बांध बनाये कहीं रास्ता बदला पानी … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: शोर कर रही भीड़ में शांति कराने के लिये बहुत तेज आवाज में शोर मचाओगे तो तुम भी शांति के मसीहा हो जाओग … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अक्सर सोचते हैं कि कहीं कोई अपना मिल जाए अपने से हमदर्दी दिखाए मिलते भी हैं खूब लोग यहाँ पर इंसान और … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: अगले वर्ष इसी माह (3 से 14 अक्टूबर, 2010) अपने देश, ‘इंडिया’, में ‘कॉमनवेल्थ गेम्ज’ (जिन्हें हिंदी म … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नोबल पुरस्कार देने वालों ने वाकई हास्यास्पद स्थिति का निर्माण किया है। उन्होंने अमेरिका के कट्टर विर … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: बीते कल (4 अक्टूबर) की पोस्ट के आगे । [उक्त पोस्ट में ‘दैनिक भास्कर’ के एक समाचार, जिसमें प्रजेंट (म … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: आज 2 अक्टूबर है, बापू यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (2 अक्टूबर, 1869 – 30 जनवरी, 1948) और देश … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: “भगत सिंह का जन्म कृषकों के एक सिख परिवार में बंगा (लायलपुर-अब पाकिस्तान) में 27 सितंबर 1907 क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अंतर्जाल पर लिखने के अलग ही अनुभव है। इनमें से कुछ अनुभव ऐसे हैं जो समाज की गतिविधियों से इस तरह परि … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मीडिया यानि टीवी चैनल और समाचार पत्र-जिनकों हम संगठित प्रचारतंत्र भी कह सकते हैं-बिना सनसनी के नहीं … more →