मंदिर के सामने उनका दफ्तर रस्ते के इस पार मंदिर और उस पार उनका दफ्तर वे जो बन बैठे है हमारे धर्म के प्रतिनिधि माहोल बना बैठे है, शोर असीमित. शाम की आरती सुनाई नहीं देती, इन धर्मादिकारियों के शराबी शोर… more →
ठेले पे हिमालयGaizabonts wrote 2 weeks ago: मंदिर के सामने उनका दफ्तर रस्ते के इस पार मंदिर और उस पार उनका दफ्तर वे जो बन बैठे है हमारे धर्म के … more →
Gaizabonts wrote 4 months ago: किसी एक की मौत किसी दुसरे की ज़िन्दगी बदल देती है, एक जिंदा लाश उस मौत का मतलब समझने में, आस-पास के … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: वह स्वस्थ्य सुंदर युवक रामलीला मंडली में भगवान श्री राम की भूमिका निभाता था। इसी कारण लोग उसको राम ज … more →
Gaizabonts wrote 10 months ago: ग्यारह महीने आप दूर रहे, क्या खोज लिया आपने अपना अस्तित्व? आप का तो पता नहीं, आपकी खोज में हमारी पहच … more →
Gaizabonts wrote 1 year ago: भगवान बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई? काहे को भगवान बनाया? अगर मैं आज यहाँ नही होता, तो मेरी जगह … more →
Gaizabonts wrote 1 year ago: वो शहर की भीड़ में अपना रास्ता ढूंढना वो ठेले पर सस्ते में जल्दी से नाश्ता करना वो वक्त को बचाने के … more →
Gaizabonts wrote 2 years ago: चलो प्रणय के बंधन में हमारी किस्मत का विवाह कर लें। कुछ रंग फीका है, पर एक नाक्शा है मेरे हाथों में। … more →
Gaizabonts wrote 2 years ago: नहीं, नहीं, आप नहीं मैं ही कुछ बदल सा गया हूँ। जिस राह पर हम साथ चल रहे थे उस राह से थोडा भटक गया हू … more →
Gaizabonts wrote 2 years ago: तुम्हारे नाम, न जाने कितने शब्द कटें, मरें। हर इच्छा का अंतिम संस्कार कर आया हूँ, हर खुशी को अग्नि द … more →
Gaizabonts wrote 2 years ago: सपने देखो, पर उनके सच होने की शर्त मत रखो। … more →
Gaizabonts wrote 2 years ago: पिछले सप्ताह हम लंडन आर्ट फ़ेर गये थे । अनेक कलाकार वहाँ अपने काम का प्रदर्शन कर रहे थे । वैसे तो शाय … more →
Gaizabonts wrote 2 years ago: अगर यह भाषा में अस्तित्व की खोज है, इस तरह कहीं अस्तित्व ही न खो जाए! … more →
Gaizabonts wrote 3 years ago: कुछ ऐसे अनोखे भाव कभी बोल कर भी व्यक्त नहीं होते शब्दों की गाड़ी उनके भाग्य में नहीं होती सबसे चहेते … more →