(मई 17, 2009 की पोस्ट के आगे) अपने देश की संघीय ‘राजभाषा’ हिंदी एवं विभिन्न प्रदेशों की अपनी-अपनी ‘राज्यभाषाओं’ से संबंधित निर्णय संविधान के भाग 17 के अनुच्छेद 343 से 351 में सम्मिलित किये गये हैं । र… more →
हिन्दी तथा कुछ और भीयोगेन्द्र wrote 6 days ago: (मई 17, 2009 की पोस्ट के आगे) अपने देश की संघीय ‘राजभाषा’ हिंदी एवं विभिन्न प्रदेशों की अपनी-अपनी ‘र … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अगर किसी समुदाय का एक जोड़ा अपने किसी दूसरे समुदाय की रीति के अनुसार विवाह करता है तो क्या उस समुदाय … more →
Rahul Katyayan wrote 1 month ago: हिंदी मैं ब्लॉग देखना और लिखना मेरे लिए नया है और बेहद रोमांचक भी क्यूँकि मुझे पता ही नहीं था की इन् … more →
Rahul Katyayan wrote 1 month ago: हिंदी मैं ब्लॉग देखना और लिखना मेरे लिए नया है और बेहद रोमांचक भी क्यूँकि मुझे पता ही नहीं था की इन् … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: ज्ञान किसी समाज की संपत्ति नहीं होता-आलेख इस बार गुडफ्राइडे के अवसर पर वैटिकन सिटी में आयोजित एक प् … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: समूचे देश के दर्शन कर चुकने का दावा मैं अभी नहीं कर सकता । यूं कोई भी व्यक्ति पूरे देश का भ्रमण कर भ … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: मेरी अभी तक की दक्षिण भारत यात्राएं मुख्यतया तमिलनाडु के नगरों/पर्यटक स्थलों से संबंधित रही हैं । मै … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: बहस होना जरूरी है क्योंकि किसी भी सामाजिक,आर्थिक और धार्मिक विषय पर प्रस्तुत निष्कर्ष अंतिम नहीं होत … more →
योगेन्द्र wrote 3 months ago: पिछली पोस्ट (मार्च १, २००९) के आगे । मैं इस बात का जिक्र कर चुका हूं कि मेरी पहली दक्षिण-भारत यात्रा … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 3 months ago: धूमिल की यह कविता कुछ वर्षों पहले भी पढी थी पर उस वक्त कुछ ख़ास अनुभूति नहीं हुई थी। शायद इस कविता क … more →
Murali Swaminathan wrote 4 months ago: लगभग एक हफ्ते पहले मैंने अपना ब्लॉग हिंदी में लिखने का निर्णय लिया था और पिछले दो दिनों में तीन पोस् … more →
Murali Swaminathan wrote 4 months ago: मुझे हिंदी बोलने में कोई दिक्कत नहीं है और न ही मेरी हिंदी की बोली मैं “पडोसन के महमूद” … more →
योगेन्द्र wrote 4 months ago: सुदूर दक्षिणी राज्य तमिलनाडु के दो-एक पर्यटक स्थलों की दश-द्वादश-दिवसीय यात्रा के पश्चात् मैं अभी हा … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 4 months ago: किसी भाषा में दक्षता होना अच्छी जॉब प्राप्त करने में हमेशा सहायक होता है। पर किसी फॉरेन लैंगुएज का … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जौ मन लागै एक सों, तो निरुवारा जाय तूरा दो मुख बाजता, घना तमाचा खाय संत श्री कबीरदास जी कहते हैं अग … more →
योगेन्द्र wrote 5 months ago: विगत पोस्ट (२ जनवरी, २००९) के आगे । इस ब्लॉग पर प्रस्तुत मेरे लेख-शृंखला का उद्येश्य रहा है उन कुछ श … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: शायद वह लोग सही कहते हैं कि ‘हिंदी सिखाने के लिये रहीम,तुलसी और कबीर की रचनाओं को नहीं पढ़ाना चाहिय … more →
योगेन्द्र wrote 6 months ago: विगत पोस्ट (२२ दिसंबर, २००८) के आगे । भ्रष्टाचार - भ्रष्टाचार भी उन तमाम शब्दों में से एक है जिसे ह … more →
योगेन्द्र wrote 6 months ago: विगत पोस्ट (११ दिसंबर, २००८) के आगे । धर्मनिरपेक्षता – राजनीति के क्षेत्र में यह शब्द बहुधा सु … more →