आज भी आखें नम कर जाती हैं वो यादें, तडपा कर तन्हा कर जाती हैं वो बातें, उस समय क… more →
Shubhashish Pandey wrote 6 months ago: आज भी आखें नम कर जाती हैं वो यादें, तडपा … more →
Tags: Shayari - Muqtak, कला, शेर, कविता, शुभाशीष, मुक्तक
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