विनय wrote 7 months ago: नित उड़ता हूँ तेरी कजरारी अँखियों में … more →
Tags: मेरा गीत, धूप, Heart, Mind, बदन, dido, Body, मन, जिया
विनय wrote 1 year ago: एक पानी में भीगी हुई किताब जाने किसने? … more →
Tags: मेरी नज़्म, ज़िन्दगी, धूप, eyes, साँस, नीली, आँखें, Life, पन्ने
Follow this tag via RSS