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खिले इस तरह तेरे रंग और रूप

विनय wrote 2 years ago: खिले इस तरह तेरे रंग और रूप जैसे सर्दियों की भीनी-भीनी धूप अब यह आलम है दिलो-ज़हन का करता हूँ हर शै म … more →

Tags: रुबाइयाँ, रंग, धूप, आलम, ज़हन, महसूस, इश्क़, Love, Mind