Blogs about: भी
मस्जिदों में भी साक़ी का नाम लेता हूँ
Rohit Jain wrote 5 months ago: मस्जिदों में भी साक़ी का नाम लेता हूँ व … more »
आज तक जो भी हुआ प्रस्तावना है
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Rohit Jain wrote 3 months ago: आपको अब भी बहुत कुछ देखना है आज तक जो भी … more »
हम भी जिगर पे इख़्तियार रख लेंगे
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Rohit Jain wrote 4 months ago: हम भी जिगर पे इख़्तियार रख लेंगे बंद आँ … more »
मुझसे भी रकीबों की तरह बात ना करो
Rohit Jain wrote 5 months ago: मुझसे भी रकीबों की तरह बात ना करो मेरी … more »
तुमने मुड़कर भी नहीं देखा मुझे जाते जाते
Rohit Jain wrote 5 months ago: तुमने मुड़कर भी नहीं देखा मुझे जाते जात … more »
इन्सां भी हो गये हैं ख़ुदा आज दोस्तों
Rohit Jain wrote 5 months ago: इन्सां भी हो गये हैं ख़ुदा आज दोस्तों य … more »
मुस्कुराने पर भी कर्ज़ है
Rohit Jain wrote 5 months ago: मुस्कुराने पर भी कर्ज़ है दिल को ये कैस … more »
