मै जब खाली पेट था भूखा ! सिर्फ भूखा ! नहीं जानता था क्या होता है सिर दर्द दिल मे लिये फिरता था सिर्फ प्यार का दर्द हाँ अब, जब खट्टी डकारे लेता हूं कल का भोजऩ कोई छीन न ले इस चिन्ता मे व्यस्त रहता … more →
हरिहर झाNidhi KM wrote 1 month ago: दीपावली की रात… एक घर मे… छोटी-छोटी बेटियाँ, माँ का हाथ बटा रही है, घर मे रंग-रोगन कर, प … more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 2 years ago: मै जब खाली पेट था भूखा ! सिर्फ भूखा ! नहीं जानता था क्या होता है सिर दर्द दिल मे लिये फिरता था सिर … more →