मंगल आरती गोपाल की । नित प्रति मंगल होत निरख मुख, चितवन नयन विशाल की ॥ मंगल रूप श्याम सुंदर को, मंगल छवि भृकुटि सुभाल की । चतुर्भुज प्रभु सदा मंगल निधि बानिक गिरिधर लाल की ॥ … more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 3 years ago: मंगल आरती गोपाल की । नित प्रति मंगल होत निरख मुख, चितवन नयन विशाल की ॥ मंगल रूप श्याम सुंदर को, मंगल … more →