सिर्फ मंदिर में जाकर ही पूजा नहीं होती, सच तो यह है कि पूजा कि कोई जगह नहीं होती। इबादत नहीं है सिर्फ मस्ज़िद में जाकर सर झुकाना, एक और इबादत है परोपकार के काम में मन लगाना। गुरुद्वारे में मत्था टेकने … more →
पसंदGaizabonts wrote 3 weeks ago: मंदिर के सामने उनका दफ्तर रस्ते के इस पार मंदिर और उस पार उनका दफ्तर वे जो बन बैठे है हमारे धर्म के … more →
shreesh k. pathak wrote 1 month ago: दीया, तुम जलना.. अंतरतम का मालिन्य मिटाना विद्युत-स्फूर्त ले आना. दीया, तुम जलना. जलना तुम मंदिर-मंद … more →
Maheep Saraf wrote 1 month ago: मैं मंदिर जाता हूँ हर रोज़, अब कोई मुझे शराबी नहीं कहता कलयुग हे, चलता हे; यहाँ कोई देर तक पापी नहीं … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: आदमी कभी बंदर रहा होगा-इस सिद्धांत पर यकीन नहीं होता। दरअसल बरसों पहले यह पश्चिमी सिद्धांत पढ़ा था कि … more →
Ajad Panchhi wrote 9 months ago: इसराइल से आकर भारत के मंदिर में शादी करने का इसराइली दंपत्ति का सपना तो पूरा हो गया लेकिन उन्हें अंद … more →
Praful wrote 10 months ago: देखो आया रे संजू बाबा साथ है उसके अमर दलाल क्या मंदिर क्या काबा किसी को अब क्या मलाल गुंडे राज करेंग … more →
विनय wrote 1 year ago: रोज़े – शामे – दीवाली कोई नूरे – चराग़ नहीं चौखट सूनी दिल वीराँ तन्हा - … more →
प्रेमलता पांडे wrote 3 years ago: सिर्फ मंदिर में जाकर ही पूजा नहीं होती, सच तो यह है कि पूजा कि कोई जगह नहीं होती। इबादत नहीं है सिर् … more →