ओ मुनिया! अरी ओ मुनिया! जल्दी से उठ जा! सुनती है न? सुनती? उठ जा! सवेरो ह्वै गयो है, लाला उठ गयो है, पड़ी सन्ना रई है! क्यूँ न उठकै आ रई है? चूरौ जर रौ ह्वै, लकरी बेकार जरेगी, तनि उठ! भैयाकू गोदी लैले,… more →
पसंदप्रेमलता पांडे wrote 7 months ago: ओ मुनिया! अरी ओ मुनिया! जल्दी से उठ जा! सुनती है न? सुनती? उठ जा! सवेरो ह्वै गयो है, लाला उठ गयो है, … more →