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Blogs about: मजदूरों का जीवन

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गोरखपुर और गुडगाँव के मजदूरों का दमन और बुद्धिजीवी वर्ग की चुप्पी 4 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: एक तरफ तो उत्तर प्रदेश की सरकार ‘सर्वजन हिताय’ होने का दावा करती है लेकिन दूसरी और इस सर … more →

Tags: आंदोलन, आतंकवाद, आह्वान, उदारीकरण, कम्युनिस्ट, क्रांति, दायित्वबोध, पूंजीवादी संकट, ललकार

प्रो.एल.पी.जी. बुद्धिजीवी बनाम वामपंथी बुद्धिजीवी 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: पिछली शताब्दी के नब्बे के दशक में और उसके बाद भारत में एक ऐसा वर्ग पनपा है जिसे प्रो.एल.पी.जी. वर्ग … more →

Tags: कम्युनिस्ट, विचारणीय : मीडिया से, सर्वहारा, Maoism, अधिशेष, बीस फीसदी का लोकतन्त, माओ त्से तुंग, वामपंथी

सर्वहारा और कानून का सम्मान 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: 29.  ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां निजी संपत्ति समस्त पूंजीव … more →

Tags: एंगेल्स, मार्क्सवाद, विरासत, सर्वहारा, कम्युनिस्ट पार्टी क, कार्ल मार्क्स, डेविड रियाज़ानोव, व्याख्यात्मक टिप्पण

चीनी विशेषता वाले ''समाजवाद'' में मज़दूरों के स्वास्थ्य की दुर्गति

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस साईट पर फ़िलहाल नया प्रकाशन बंद कर दिया गया है क्योंकि ‘नई समाजवादी क्रांति का उद्घोषक … more →

Tags: आंदोलन, क्रांति, बिगुल, मजदूर, मध्यवर्ग का ऊपरी तबक, शोषण-उत्पीड़न, श्रमशक्ति, समाजवाद, सर्वहारा

मई 1886 का वह रक्तरंजित दिन1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: मई 1886 का वह रक्तरंजित दिन जब मज़दूरों के बहते ख़ून से जन्मा लाल झण्डा मज़दूरों का त्योहार मई दिवस आठ … more →

Tags: आह्वान, कम्युनिस्ट, बिगुल, मजदूर, शोषण-उत्पीड़न, श्रमशक्ति, संघर्ष, सर्वहारा, पूँजीपति वर्ग के वफा

मेट्रो कर्मचारियों का आन्दोलन

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: दमन-उत्पीड़न से नहीं कुचला जा सकता मेट्रो कर्मचारियों का आन्दोलन दिल्ली मेट्रो की ट्रेनें, मॉल और दफ् … more →

Tags: आंदोलन, चर्चा है कि, बिगुल, मजदूर, शोषण-उत्पीड़न, श्रमशक्ति, संघर्ष, सर्वहारा, बेरोजगारी

बच्चों के खून-पसीने से बन रही है बेंगलोर मेट्रो3 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: बिगुल संवाददाता कारपोरेट जगत में हमेशा ही मजदूरों का मनमाना शोषण होता रहा है लेकिन अब सरकारी उपक्रम … more →

Tags: अनुराग, चर्चा है कि, बिगुल, मजदूर, ललकार, शोषण-उत्पीड़न, श्रमशक्ति, सर्वहारा, इमेजनिंग इण्डिया

कुछ ज्यादा ही लाल... कुछ ज्यादा ही अन्तरराष्ट्रीय 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: (बिगुल के स्वरूप पर आत्माराम का पत्र) (जुलाई-अगस्त 1996) कुछ ज्यादा ही लाल… कुछ ज्यादा ही अन्त … more →

Tags: आंदोलन, आह्वान, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, बिगुल, मजदूर, मार्क्सवाद

जनता की मुक्ति का रास्ता 3 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: इलेक्शन नहीं ! इन्कलाब ! मेहनतकश भाइयो और बहनों! नौजवान साथियों! 15वीं लोकसभा का चुनाव चल रहा है! एक … more →

Tags: आह्वान, क्रांति, ललकार, समाजवाद, सर्वहारा, मजदूरों के हक़, वर्ग दृष्टिकोण, Delhi-where live 40 lacs of peaple in jhuggi jhompadi, पूँजीपति वर्ग के वफा

मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है! ..अंतिम किश्त

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: उपरोक्त संक्षिप्त चर्चा के आलोक में मज़दूर साथियों के लिए यह समझना कठिन नहीं होना चाहिए कि मई दिवस क … more →

Tags: आंदोलन, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, बिगुल, मजदूर, मार्क्सवाद, लेनिन

मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है! ...दूसरी किश्त

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: इस पोस्ट की प्रथम किश्त ..मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है! आम मज़दूर साथिय … more →

Tags: आंदोलन, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, बिगुल, मजदूर, मार्क्सवाद, समाजवाद

मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: एक बार फ़िर मुक्ति का परचम उठाओ! पूँजी की बर्बर सत्ता के खिलाफ़ फैसलाकुन लड़ाई की तैयारी में जुट जाओ!! … more →

Tags: आंदोलन, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, बिगुल, मजदूर, मार्क्सवाद, सर्वहारा

लुटेरी पूँजीवादी व्यवस्था के खिलाफ़ लम्बी लड़ाई की तैयारी में जुट जाओ!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: जंगल की आग की तरह फैलती विश्वव्यापी आर्थिक मन्दी करोड़ों मेहनतकशों के रोज़गार निगल चुकी है पूँजीवाद क … more →

Tags: आंदोलन, आह्वान, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, सर्वहारा, खाद्य संकट, पूंजीवादी संकट, शोषण-उत्पीड़न

भारत की तरक्की के दावों की ढोल की पोल : समृद्धि के तलघर में नर्क का अँधेरा

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: नवउदारवादी अर्थनीति के 18 वर्ष 18 वर्षों पहले नरसिंह राव की सरकार ने जब उदारीकरण-निजीकरण की नीतियों … more →

Tags: नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मजदूर, मार्क्सवाद, सर्वहारा, खाद्य संकट, पूंजीवादी संकट, मध्यवर्ग का ऊपरी तबक, वैकल्पिक मीडिया

नन्दन नीलेकणी की किताब के बहाने एक बार फिर उजागर हुई पूँजीपतियों की सोच

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: पूँजीपति के लिए मज़दूर सिर्फ मुनाफा पैदा करने का एक साधन है! भारत सिर्फ अपने विशाल बाजार की वजह से ह … more →

Tags: पुस्तकें, मार्क्सवाद, सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, शोषण-उत्पीड़न, मध्यवर्ग का ऊपरी तबक, वर्ग दृष्टिकोण, पूँजी का तर्क, सस्ती श्रमशक्ति

उजड़ने, बसने फिर उजड़ने की त्रासदी

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: अगर आप राजधानी दिल्ली को केवल शॉपिंग मॉलों, शॉपिंग कॉम्प्लैक्सों, गगनचुम्बी इमारतों, मेट्रो, खूबसूरत … more →

Tags: मजदूर, ललकार, सर्वहारा, अनुभव, वर्ग दृष्टिकोण, Delhi-where live 40 lacs of peaple in jhuggi jhompadi

आपस की बात-हर कोई लूट रहा है मजदूर को

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: मैं लुधियाना की अनेक कम्पनियों में काम कर चुका हूँ लेकिन हर प्राईवेट कम्पनी के मालिकों का व्यवहार एक … more →

Tags: मजदूर, ललकार, सर्वहारा, अनुभव, वर्ग दृष्टिकोण

सफाई कर्मचारियों की रात की ड्यूटी अनिवार्य करने का अदालती फैसला सफाई कर्मचारियों की सेहत का ध्यान कौन रखेगा ,जज महोदय ?

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: download or copy link location … more →

Tags: मजदूर, सर्वहारा, सर्वहारा का ऑडियो, मजदूर का ऑडियो अख़बा, मजदूरों के हक़, वर्ग दृष्टिकोण

आपस की बात–मजदूरों की कब्रगाह बनता दिल्ली-सोनीपत हाइवे

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 9 months ago: उपरोक्त समाचार का डाउनलोड लिंक या ‘copy link location’ to paste in url of any player in … more →

Tags: मजदूर, सर्वहारा, सर्वहारा का ऑडियो, वैकल्पिक मीडिया, मजदूरों के हक़


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