मई 1886 का वह रक्तरंजित दिन जब मज़दूरों के बहते ख़ून से जन्मा लाल झण्डा मज़दूरों का त्योहार मई दिवस आठ घण्टे काम के दिन के लिए मज़दूरों के शानदार आन्दोलन से पैदा हुआ। उसके पहले मज़दूर चौदह से लेकर सोलह- सो… more →
बिगुलShaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: श्री ज्ञानदत्त पाण्डेय जी के आलेख उद्यम और श्रम की इन टिप्पणियों को देखें ; अभिषेक ओझा said… … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: ‘एक के तीन’, और ‘दो के छह’ की आवाज कहीं भी सुन लें तो हम भारतीयों के कान खड़े हो जाते हैं यह सोचकर कि … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: जैक लंडन का उपन्यास - देखें : \’आयरन हील\’ और अतिरिक्त मूल्य का नियम सपने का गणित अर्नेस … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस साईट पर फ़िलहाल नया प्रकाशन बंद कर दिया गया है क्योंकि ‘नई समाजवादी क्रांति का उद्घोषक … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: मई 1886 का वह रक्तरंजित दिन जब मज़दूरों के बहते ख़ून से जन्मा लाल झण्डा मज़दूरों का त्योहार मई दिवस आठ … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: दमन-उत्पीड़न से नहीं कुचला जा सकता मेट्रो कर्मचारियों का आन्दोलन दिल्ली मेट्रो की ट्रेनें, मॉल और दफ् … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: बिगुल संवाददाता कारपोरेट जगत में हमेशा ही मजदूरों का मनमाना शोषण होता रहा है लेकिन अब सरकारी उपक्रम … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: बिगुल संवाददाता गोरखपुर नौजवान भारत सभा, बिगुल मज़दूर दस्ता और अखिल भारत नेपाली एकता मंच ने मिलकर अन् … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: जनता को सिर्फ यह तय करना है कि वह इसे कितना और बर्दाश्त करेगी! बिगुल डेस्क करीब डेढ़ महीने तक चली देश … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: (बिगुल, अप्रैल 1999) `बिगुल´ का पाठक कौन है? मज़दूरों के किस हिस्से तक पहुँचना इसका मकसद है? – … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: (बिगुल के स्वरूप पर आत्माराम का पत्र) (जुलाई-अगस्त 1996) कुछ ज्यादा ही लाल… कुछ ज्यादा ही अन्त … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: विशेष सम्पादकीय (बिगुल प्रवेशांक, अप्रैल 1995) आज एक नये क्रान्तिकारी मज़दूर अख़बार की ज़रूरत है। बेह … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: नींद से जागो सूली चढ़कर शहीद भगत ने दुनिया को ललकारा है, नींद से जागो ऐ मज़लूमों सारा देश तुम्हारा ह … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: उपरोक्त संक्षिप्त चर्चा के आलोक में मज़दूर साथियों के लिए यह समझना कठिन नहीं होना चाहिए कि मई दिवस क … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: इस पोस्ट की प्रथम किश्त ..मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है! आम मज़दूर साथिय … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: एक बार फ़िर मुक्ति का परचम उठाओ! पूँजी की बर्बर सत्ता के खिलाफ़ फैसलाकुन लड़ाई की तैयारी में जुट जाओ!! … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: नवउदारवादी अर्थनीति के 18 वर्ष 18 वर्षों पहले नरसिंह राव की सरकार ने जब उदारीकरण-निजीकरण की नीतियों … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: अगर आप राजधानी दिल्ली को केवल शॉपिंग मॉलों, शॉपिंग कॉम्प्लैक्सों, गगनचुम्बी इमारतों, मेट्रो, खूबसूरत … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: मैं लुधियाना की अनेक कम्पनियों में काम कर चुका हूँ लेकिन हर प्राईवेट कम्पनी के मालिकों का व्यवहार एक … more →