मोह किसी भी चीज़ का होता है मन अटकेलिया करता है वो फूल से फूल मंडराती तितली आँखें मिचे मधु चुराती पर फेहराए तो प्रतीत हो आस पास हज़ारों खुशियाँ लहरा रही हो तब हम स्वार्थी हो जाते है दिल में ये ख़याल आ… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: मोह किसी भी चीज़ का होता है मन अटकेलिया करता है वो फूल से फूल मंडराती तितली आँखें मिचे मधु चुराती पर … more →