घर आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापू हमें तुम पर बहुत तरस आता लिखते हुए बीत गए कई बरस पर तुम्हारा नाम कहीं चमक नहीं पाता केवल लिखने से तुम मशहूर नहीं हो सकते देखो लाया हूं मशहूर होने के हजार नुस्खे बताने… more →
***दीपक भारतदीप की हिंदी पत्रिका*** ***Deepak Bharatdeep ki Hindi patrika***दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: घर आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापू हमें तुम पर बहुत तरस आता लिखते हुए बीत गए कई बरस पर तुम्हारा नाम क … more →
विनय wrote 2 years ago: वो तस्कीं न मेरे दर पे माथा टेके न ही रौज़न से झाँके सिर्फ़ - खा़बों को बे-रब्त किए घूमती है हर गली हर … more →