ना मंदिरों में पायेगा ना मस्जिदों में पायेगा ढ़ूंढ़ना है जो ख़ुदा तो ग़मज़दों में… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 4 months ago: ना मंदिरों में पायेगा ना मस्जिदों में … more →
Rohit Jain wrote 6 months ago: मस्जिदों में भी साक़ी का नाम लेता हूँ व … more →