यह मौसम है मस्त-मस्त यह आलम है मस्त-मस्त अम्बर पे छायी काली घटा सावन बरसे कर दे मस्त यह मौसम है मस्त-मस्त यह आलम है मस्त-मस्त तन भीगेगा मन भीगने दे मन भीगेगा तन भीगने दे डोल-डोल जा झूम-झूम जा गा रही र… more →
तख़लीक़-ए-नज़रदीपक भारतदीप wrote 9 months ago: अक्लमंदों की महफिल से इसलिये ही जल्दी बाहर निकल आये सभी के पास था अपनी शिकायतों का पुलिंदा किसी के … more →
विनय wrote 1 year ago: यह मौसम है मस्त-मस्त यह आलम है मस्त-मस्त अम्बर पे छायी काली घटा सावन बरसे कर दे मस्त यह मौसम है मस्त … more →