निरापद रहने की कोशिश निष्क्रिय बना देती है बाहर जलती आग पर दिल को ठंडा रखने की सोच घर को राख बना देती है. खामोशी से जीती जा सकती हैं दुनिया पर जीतती है वही बांह जो जंग में हथियार लेती है. —… more →
***दीपक भारतदीप की हिंदी पत्रिका*** ***Deepak Bharatdeep ki Hindi patrika***दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: निरापद रहने की कोशिश निष्क्रिय बना देती है बाहर जलती आग पर दिल को ठंडा रखने की सोच घर को राख बना देत … more →