श्री लछमन कुल चंद उदित जग उद्योतकारी। मात इलम्मा विमलराका उडुगन निजजन समाज पोषत पीयूष वचन हरियस उजियारी॥१॥ करुनामय निष्कलंक मायावाद तिमिर हरन सकल कला पूरन मन द्विजवपुधारी। बलि बलि बलि माधोदास चरन कमल … more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 1 year ago: श्री लछमन कुल चंद उदित जग उद्योतकारी। मात इलम्मा विमलराका उडुगन निजजन समाज पोषत पीयूष वचन हरियस उजिय … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: आनंद आज भयो हो भयो जगती पर जय जय कार। श्री लछमन गृह प्रगट भये हैं श्री वल्लभ सुकुमार॥१॥ धन्य धन्य मा … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: प्रभु श्रीलछमन गृह प्रगट भये। हरि लीला रस सिंधु कला निधि बचन किरन सब ताप गये॥१॥ मायावाद तिमिर जीवन क … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: जप तप तीरथ नेम धरम व्रत मेरे श्री वल्लभ प्रभु जी कौ नाम। सुमिरों मन सदा सुखकारी दुरित कटै सुधरे सब क … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: श्री वल्लभ लाल पालने झूलें मात एलम्मा झुलावे हों। रतन जटित कंचन पलना पर झूमक मोती सुहावे हो॥१॥ झालर … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: कांकरवारे तैलंग तिलक द्विज वंदो श्रीमद लछमननंद । द्वैपथ राज सिरोमनि सुंदर भूतल प्रगटे वल्लभ चंद॥१॥ अ … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: सुखद माधव मास कृष्ण एकादशी भट्ट लछमन गेह प्रगट बैठे आइ। ब्रज जुवती गूढ मन इंद्रियाधीस आनंद गृह जानि … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: तत्व गुन बान भुवि माधवासित तरनि प्रथम भगवद दिवस प्रगट लछमन सुवन। धन्य चम्पारण्य मन त्रैलोकजन अन्य अव … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: जब तें वल्लभ भूतल प्रगट भये। वदन सुधानिधि निरखत प्रभु कौ सब दूर गये॥१॥ श्री लछमन वंस उजागर सागर भक्त … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: प्रगट भये प्रभु श्रीमद वल्लभ ब्रज वल्लभ द्विज देह। निजजन सब आनंदित गावत बजत बधाई सबहिन के गेह॥१॥ भूत … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: वल्लभ भूतल प्रगट भये। माधव मास कृष्ण एकादशी पूरन विधु उदये॥१॥ पुत्र जन्म सुन श्री लछमन भट बहु विधि द … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: आज जगती पर जयजय जार। प्रगट भये श्री वल्लभ पुरुषोत्तम बदन अग्नि अवतार॥१॥ धन्य दिन माधव मास एकादसी कृष … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: श्री वल्लभ श्री वल्लभ श्री वल्लभ कृपा निधान अति उदार करुनामय दीन द्वार आयो। कृपा भरि नैन कोर देखिये … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: केसर की धोती पहिरें, केसरी उपरना ओढें, तिलक मुद्रा धरि बैठें श्री लछमन भट धाम। जन्म द्यौस जानि जानि, … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: श्री वल्लभ मधुराकृति मेरे। सदा बसो मन यह जीवन धन सबहिन सों जु कहत हों टेरे॥१॥ मधुर बचन अरु नयन मधुर … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: प्रगट व्है मारग रीत बताई। परमानंद स्वरूप कृपानिधि श्री वल्लभ सुखदाई॥१॥ करि सिंगार गिरिधरनलाल कों जब … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: फल्यो जन भाग्य पथ पुष्टि प्राकट करण दुष्ट पाखंड मत खंड खंडन किये । सकल सुख घोष को तिमिर हर लोक को कृ … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: हों याचक श्री वल्लभ तिहारो याचन तुमकि आयो हो । महा उदार देत भक्तन को अपअपनों मन भायो हो ॥१॥ हेम ग्रा … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: झुंडन गावत हे ब्रजनारी । नवसत साजसिंगार कनक तन पहेरें झूमक सारी ॥१॥ कंचन थार लियेजु कमलकर मंगल साज स … more →