आनंदवादी -महावीर शर्मा मैं बहुत हँसता था। हँसना, हँसाना और आनंद के भौतिक पहलूको ही जीवन का आधार मानता था। कहा करता था - सृष्टि की उत्पत्ति जब आनंद-विभु से ही हुई है तो आनंद में ही निवास करना जीवन का … more →
मंथनमहावीर wrote 4 months ago: 10 जुलाई 2009 बैठे हुए बाएं से: मोहन राणा, ज़कीया ज़ुबैरी, टोनी मैकनल्टी, मधु अरोड़ा, श्रीमती मोहन … more →
महावीर wrote 5 months ago: रविवार ३१ मई २००९ को काव्य धारा लन्दन के विशेष कार्यक्रम में पुष्पा भार्गव के काव्य संग्रह ‘लह … more →
महावीर wrote 11 months ago: आतंक के युद्ध में जीत!!! यह सब से बड़ा आतंकी हमला था। १० आतंकियों को मार कर आतंक के खिलाफ यह जंग जीत … more →
महावीर wrote 1 year ago: कविता पुरानी है किंतु कुछ शब्दों में संशोधन करके यहां दुबारा लिख रहा हूं। पुरानी टिप्पणियां भी यथावत … more →
महावीर wrote 2 years ago: एक बेटी का अभागा पिता लेखकः महावीर शर्मा साभारः “कादम्बिनी” मार्च 2006 लन्दन 15 जुलाई, 2 … more →
महावीर wrote 2 years ago: तरकश पर सागर चन्द नाहर जी का सुप्रसिद्ध गायक अदनान सामी के मुटापे और १०८ किलो वजन कम करने की कहानी प … more →
महावीर wrote 2 years ago: नारद जी सोच रहे थे कि मृत्यु-लोक (पृथ्वी) में जाकर एक गिटार ले लिया जाए। युगयुगांतरों के समय की सीढ़ … more →
महावीर wrote 2 years ago: “एंग्लो-इस्टाईल से ऐसे डाइलाग मारती है कि विलन की तो बोलती बंद हो जाती है। जब तर्राटे का हाथ म … more →
महावीर wrote 2 years ago: “मेरा बेटा लौटा दो!!”- (एक सत्य घटना पर आधारित कहानी) महावीर शर्मा लखनऊ में खटीक समुदाय … more →
महावीर wrote 2 years ago: बुढ़ापा! जवाँ जब वक़्त की दहलीज़ पर आंसू बहाता है, बुढ़ापा ज़िंदगी को थाम कर जीना सिखाता है। पुराने … more →
महावीर wrote 2 years ago: जब वतन छोड़ा…… महावीर शर्मा जब वतन छोड़ा, सभी अपने पराए हो गए आंधी कुछ ऐसी चली नक़्शे क़दम भी खो गए … more →
महावीर wrote 2 years ago: ‘दिल की गीता’ महावीर शर्मा घूमते घामते एक पुरानी किताबों की दुकान के भीतर चला गया। शेल्फ … more →
महावीर wrote 2 years ago: भूल कर ना भूल पाए, वो भुलाना याद है पास आये, फिर बिछड़ कर दूर जाना याद है हाथ ज़ख्मी हो गए, इक फूल प … more →
महावीर wrote 3 years ago: “हिन्दी का गला घुट रहा है!” अंग्रेज़ी-पुच्छलतारे नुमा व्यक्ति जब बातचीत में हिन्दी के शब … more →
महावीर wrote 4 years ago: ‘ दहकते सांसों से ’ जवानी जब करवट बदलती है तो बुढ़ापे के मुहाने पर लाकर पटक देती है। इंसान यादों की … more →
महावीर wrote 1 year ago: क़ातिल सिसकने क्यूं लगा – ग़ज़ल ग़ज़ल का हर शे’र अपने आप में संपूर्ण और स्वतंत्र होता है। यह आ … more →
महावीर wrote 1 year ago: मुशायरा/कवि-सम्मेलन “बरखा-बहार” भाग 2 सूचनाः देखने वालों के अनुरोध पर ‘मुशायरे का … more →
महावीर wrote 1 year ago: मुशायरा/कवि-सम्मेलन “बरखा-बहार” (पहला भाग) दोस्तों, प्राण शर्मा जी का और मेरा (महावीर शर्मा) आप सभी … more →
महावीर wrote 1 year ago: वसीयत – कहानी लेखकः महावीर शर्मा (साभारः सरिता, दिसंबर-प्रथम २००६) सुबह नाश्ते के लिये कुर्सी … more →