Blogs about: मातृभाषा
हिंदी-अंग्रेजी टूल बहुत दिलचस्प लगा-आलेख (2)
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: हिंदी -अंग्रेजी अनुवाद टूल का मैं कल स … more »
यह टूल मुझे तो दिलचस्प लगा-आलेख It is interesting tool, I thought - Stories
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: मेरी आदत है कि आते ही अपने ईमेल पर चिट् … more »
नकली जिंदगी की खातिर-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: फिल्मों में ही होता है चक दे इंडिया सच … more »
आशा ही नहीं रखते तो निराशा भी नहीं होती-आलेख
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: ब्लागस्पाट के ब्लाग एक आकर्षक कूड़ेद … more »
ब्लोग पर पत्रिका का औपचारिक विमोचन!
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: जो भी आप वेब साईटें आप देखते हैं, उसके ल … more »
अपनी पोस्ट जबरन पढाने का औचित्य
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दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: आज मैंने एक चौपाल से जुडे वरिष्ठ ब्लो … more »
कौटिल्य का अर्थशास्त्र:अशुभ गुण वाले का कभी आश्रय न लें
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: १.चंपा के साथ रहने पर तिलों में वैसे ह … more »
ब्लाग पर त्रुटियों की तरफ ध्यान दिलाने वालों का आभार
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: कुछ ब्लोगों में शब्द और वर्तनी की गलति … more »
संत कबीर वाणी:जादू टोना सब झूठ है
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जैसा भोजन खाइये, तैसा ही मन होय जैसा पा … more »
मूर्ति पूजा से भी होता है ध्यान जैसा लाभ
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: इस देश में आध्यात्म को लेकर दो धाराएं … more »
सच को बैसाखियों की जरूरत नहीं-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: पत्थरों पर लिखी इबारत भी इतिहास का सच … more »
नए समाज के निर्माण की पहल करें
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: भारत एक बृहद देश है और इसमें तमाम प्रक … more »
शाश्वत प्रेम के कितने रुप
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: ‘प्रेम’ शब्द मूलरूप से संस्कृत के … more »
आध्यात्मिक ज्ञान के बिना विकास अधूरा
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: देश को विकास की ओर ले जाने की बात … more »
क्रिकेट देखने से अच्छा है ब्लोग पर लिखें
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: यूँ तो हारने के हजार बहाने हैं पर घर म … more »
कौटिल्य अर्थशास्त्र:दुष्ट के साथ संधि न करें
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: 1. दूर्भिक्ष और आपत्तिग्रस्त स्वयं ही … more »
हिंदी भाषा की आत्मा है देवनागरी लिपि
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: कुछ लोगों ने अगर यह तय कर लिया है क … more »
अभी लिखा क्या है जो लिपि पर झगड़ने लगे-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: स्कूल से घर लौटे बच्चे आपस में रोमन और … more »
सदैव हंसते रहो
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: मनुष्य के मुख पर मुसकान सौभाग्य का चि … more »
