Blogs about: माथा

हमारा वाक़िया

विनय wrote 1 year ago: वो तस्कीं न मेरे दर पे माथा टेके न ही रौज़न से झाँके सिर्फ़ - खा़बों को बे-रब्त किए घूमती है हर गली हर … more →

Tags: मेरी नज़्म, ख़ाब, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Friendship, वफ़ा, dream