रो पड़ा सुन कर कहानी गहन यह संवेदना दिल नहीं पत्थर हो वे ना समझ सकते वेदना भेद खुलवाने को शठ का निहत्थे पर वार हो यन्त्रणा देता कसाई भोंक रहा कटार हो पिघलता लोहा जब दिल में मशीनी हथियार हो बरसता बन दर्… more →
हरिहर झाSunil Deepak wrote 1 month ago: घादा जमशीर (Ghada Jamshir) बहरेन की रहने वाली हैं और उन्होंने स्त्री अधिकारों की माँग के लिए एक संस् … more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: रो पड़ा सुन कर कहानी गहन यह संवेदना दिल नहीं पत्थर हो वे ना समझ सकते वेदना भेद खुलवाने को शठ का निहत् … more →