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Blogs about: मानिन्द

तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है7 comments

विनय wrote 9 months ago: तेरी तीरे-नज़र किस अदा से यार उठती है रह-रहकर रुक-रुककर बार-बार उठती है हम बीमारि-ए-इश्क़ के मारे हुए … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, ज़िबह, Love, प्यार, मोहब्बत, यार, जानिब, बेवजह