१- आधुनिक ये अप्सराएं, विचरण करें स्वछंद हैं। तन के कपड़े घट रहे, अरु आचरण निर्बंध है॥ २- माया के दलदल में जो, एक बार गिर जाता है। गुड़ की मक्खी की तरह, उसमें ही वह मर जाता है॥ ३- कैसी है विडम्बना माताओ… more →
अनुभूति कलशramadwivedi wrote 1 year ago: १- आधुनिक ये अप्सराएं, विचरण करें स्वछंद हैं। तन के कपड़े घट रहे, अरु आचरण निर्बंध है॥ २- माया के दलद … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: १- आधुनिक तारिकाओं ने, रंभाओं को दे दी मात है। वे रिझाती थीं कला से, ये दिखातीं गात हैं॥ २- देशी माय … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- जीव का आवागमन, ‘माया’का ही सब काम है। … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- माया के द्वारा ही तो, योग्य वर पा जाती हैं। माया के क … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- संसार के कल्याण हित, यमुना बनी,सरस्वती बनी। पापियों के पाप धोक … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- विश्व के इतिहास में, माया के पन्ने खास हैं। युद्ध कितनें हो गए ? … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- माया से कारोबार है, माया से ही बाज़ार है। … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- माया से तख्तेताज भी, माया बदल दे ताज भी, माया पलभर में बदल दे, … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- भक्तों के माया-दान से, वेंकटेश भी परेशान हैं। आठो … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- माया के माया-महल में, सत्य भी छुप जाते हैं। दुर्योधन की एक फिसलन , … more →