शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया काले-काले बादलों से घनी थी ज़ुल्फ़ों की छाया क्यों जचने लगी यह बेख़ुदी कैसी है माया माया यह तेरी कैसी माया है हर तरफ़ तेरा जादू छाया है जाने कैसा मौसम आया है दिल ने ज… more →
तख़लीक़-ए-नज़रKrishna Kumar Mishra wrote 3 weeks ago: यह तस्वीर “द गार्जियन से साभार” Courtsy by: The Gaurdian newspaper” श्रीमती इन्दिर … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: सुनने में आया है कि मंदी की वजह से आतंकवादी भी पस्त हो रहे हैं। एक टीवी चैनल के अनुसार पाकिस्तान अपन … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 9 months ago: महाकाव्य महाभारत के कौरव-पांडव युद्ध की समाप्ति के बाद उसके दुष्परिणामों से व्यथित युधिष्ठिर शरशय्या … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ब्लागस्पाट के ब्लाग एक आकर्षक कूड़ेदान की तरह लगते है। उस दिन मैं अपने टेलिफोन और इंटरनेट कनेक्शन का … more →
विनय wrote 1 year ago: शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया काले-काले बादलों से घनी थी ज़ुल्फ़ों की छाया क्यों जचने लगी यह बे … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: पैसा है तो पाने के लिये प्यार है पद है तो खाने के लिये पकवान है प्रतिष्ठा है तो पहचान है राजा हो … more →