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Blogs about: मार्क्सवाद

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चुनाव, राजनीतिक दल और बुद्धिजीवी

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: हमने लिखा था कि वर्तमान संसदीय प्रणाली द्वारा मजदूर वर्ग कभी सत्ता प्राप्त नहीं कर सकता. लेकिन इसका … more →

Tags: आह्वान, एंगेल्स, कम्युनिस्ट, क्रांति, पूंजीवादी संकट, बुर्जुआ लोकतंत्र, समाजवाद, सर्वहारा, Communist

मार्क्सवाद क्या है : संसार का वैज्ञानिक दृष्टिकोण

samayantar wrote 2 months ago: दुनिया बदलती है, और उसे बदला जाता है. यह दुनिया कैसे बदलती है, और कैसे इसे बदला जाता है, मार्क्सवाद … more →

Tags: मार्क्सवाद क्या है, संसार का वैज्ञानिक द, Marx, Marxism, India, मार्क्स

भारत के गाँव-गाँव तक पैठ कर चुकी बुर्जुआजी

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: पिछली कड़ी के लिए यहाँ देखें इस लेख के सम्पूर्ण ऑडियो (पंजाबी) के लिए यहाँ दबायें चुनाव या अन्य इंकला … more →

Tags: आह्वान, Maoism, सोवियतें, कम्यून, मजदूर वर्ग की विरासत, वर्ग चेतना, इन्कलाब, संशोधनवाद, भारतीय चुनाव प्रणाल

सर्वहारा और कानून का सम्मान 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: 29.  ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां निजी संपत्ति समस्त पूंजीव … more →

Tags: सर्वहारा, विरासत, एंगेल्स, कार्ल मार्क्स, कम्युनिस्ट पार्टी क, डेविड रियाज़ानोव, व्याख्यात्मक टिप्पण, मजदूरों का जीवन

सर्वहारा वर्ग, "जन-साधारण" और किसान वर्ग - शोषण के रूपों का महत्त्व1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: 28.  ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां सर्वहारा वर्ग के शोषण का … more →

Tags: आंदोलन, सर्वहारा, संघर्ष, फासिज्म, विरासत, एंगेल्स

बुर्जुआ समाज के अंतरविरोध और सर्वहारा द्वारा इनका उपयोग2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: 27.  ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां बुर्जुआ वर्ग की कतारों के … more →

Tags: आंदोलन, सर्वहारा, संघर्ष, विरासत, कार्ल मार्क्स, मजदूर वर्ग की विरासत, कम्युनिस्ट पार्टी क, वर्ग चेतना, डेविड रियाज़ानोव

न तो इतिहासग्रस्त, न ही इतिहास विमुख!2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत, Marxism, समाज और संस्कृति, कला, साहित्य, संस्कृति, लोकवाद

मैं कार्ल मार्क्स के अतिरिक्त मूल्य के सिद्धांत की इतनी सरल प्रस्तुति सुन रही थी...2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: जैक लंडन का उपन्यास - देखें : \’आयरन हील\’ और अतिरिक्त मूल्य का नियम सपने का गणित अर्नेस … more →

Tags: कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, पुस्तकों सबंधी जानक, कार्ल मार्क्स, पूँजी

श्रम और पूंजी की टक्कर - एक ऐसा 'वैषम्य' जिसका निपटारा बल प्रयोग द्वारा ही होता है 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: श्री दिनेशराय द्विवेदी जी द्वारा लिखित आलेख ‘उद्यम भी श्रम ही है‘ और श्री ज्ञानदत्त जी प … more →

Tags: पुस्तकें, सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, संघर्ष, युद्ध, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, Marxism, कार्ल मार्क्स

कला-साहित्य-संस्कृति में "लोकवाद" और "स्वदेशीवाद" का विरोध करो!1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट, साम्राज्यवाद, विरासत, कविता, कार्ल मार्क्स, Karl Marx

दलित-प्रश्न और स्त्री-प्रश्न पर सही रुख अपनाओ!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: समाजवाद, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, संघर्ष, Marxism, कविता, उदारीकरण, जीवन, वर्ग चेतना

सांस्कृतिक मोर्चे पर व्यक्तिवाद, अराजकतावाद, उदारतावाद का विरोध करो!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: लेनिन, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत, Marxism, उदारीकरण, माओ त्से तुंग, वामपंथी

कला-साहित्य-संस्कृति के मोर्चे पर विचारधारात्मक संघर्ष

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, फासिज्म, साम्राज्यवाद, विरासत, Maoism, Marxism

नए सांस्कृतिक कार्यभारों की ज़मीन--- महत्तव्पूर्ण सामजिक-आर्थिक सरंचनागत परिवर्तनों और विश्व-ऐतिहासिक विपर्यय का यह दौर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट

कांग्रेस की जीत…अफलातून और सुरेश चिपलूनकर… कुछ विशेष टिप्पणियों का सामान्य जवाब2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: कड़ी जोड़ने के लिए देखे : “कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते म … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन

अंतर्जाल, मार्क्सवाद और बौद्धिक वेश्यागमनी5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: मार्क्सवाद के विकास के लिए ज़रूरी है कि मार्क्सवाद को विकसित करने में मार्क्सवादियों के अब तक के अवद … more →

Tags: प्रतिबद्ध, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, कार्ल मार्क्स, वर्ग चेतना

इस युग का प्रधान वैषम्य : जनतन्तर कथा (34) की हिफाजित में 10 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: “कोट, कपड़ा, आदि उपयोग-मूल्य, अर्थात पण्यों के ढांचे, दो तत्त्वों के योग होते हैं – पदार् … more →

Tags: विचारणीय : मीडिया से, प्रतिबद्ध, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, साम्राज्यवाद, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, Marxism, वैकल्पिक मीडिया

कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर ... 14 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: जिस देश का प्रधानमंत्री स्वयं स्वीकार करे की देश की 7० प्रतिशत जनता 20 या 20 रूपए से कम पर गुज़ारा कर … more →

Tags: भगत सिंह, लेनिन, आह्वान, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, फासिज्म, आतंकवाद, काले कानून, कार्ल मार्क्स

कार्ल मार्क्‍स के जन्मदिन (5 मई) के अवसर पर 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: कार्ल मार्क्‍स फ्रेडरिक एंगेल्स विज्ञान के इतिहास में मार्क्‍स ने जिन महत्त्वपूर्ण बातों का पता लगाक … more →

Tags: बिगुल, क्रांति, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट, विरासत


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