पिछले भाग से आगे : जाहिर है लोहिया का यह निष्कर्ष गलत साबित हुआ । पूंजीवाद ज्यादा दीर्घायु और ज्यादा स्थायी साबित हुआ तथा कई संकटों को पार कर गया । मार्क्स की ही तरह लोहिया की भविष्यवाणी भी गलत साबित … more →
समाजवादी जनपरिषदsamayantar wrote 2 months ago: दुनिया बदलती है, और उसे बदला जाता है. यह दुनिया कैसे बदलती है, और कैसे इसे बदला जाता है, मार्क्सवाद … more →
saathisukhdev wrote 4 months ago: मूल्य के रूप का सार रहस्य इस प्राथमिक रूप में छिपा हुआ है. इसलिए इस रूप का विश्लेषण करना ही हमारी अस … more →
drvarma68 wrote 4 months ago: किसी शुभचिंतक द्वारा या फिर स्वयं विकिपीडिया टीम द्वारा उनके इस सफे पर ‘दास कैपिटल’ का … more →
drvarma68 wrote 4 months ago: जिन समाजों में उत्पादन की पूंजीवादी प्रणाली व्याप्त है, उनमें धन” पण्यों के विशाल संचय’ १ के रूप मे … more →
Nishant wrote 7 months ago: महान दार्शनिक और राजनीतिक अर्थशास्त्र के प्रणेता कार्ल मार्क्स को जीवनपर्यंत घोर अभाव में जीना पड़ा। … more →
अफ़लातून wrote 9 months ago: पिछले भाग से आगे : जाहिर है लोहिया का यह निष्कर्ष गलत साबित हुआ । पूंजीवाद ज्यादा दीर्घायु और ज्यादा … more →
अफ़लातून wrote 9 months ago: [ लेखक समाजवादी जनपरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अर्थशास्त्री हैं | डा. राममनोहर लोहिया की प्रसिद्ध … more →
अफ़लातून wrote 9 months ago: लेखक समाजवादी जनपरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा अर्थशास्त्री हैं |डा. राममनोहर लोहिया की प्रसिद्ध पुस … more →