Blogs about: मुक्तक

Featured Blog

मरूध्यान ना बने (मुक्तक) - घनश्याम ठक्कर1 comment

kalapiketan wrote 3 weeks ago: मरूध्यान ना बने     मुक्तक   घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: कविता, गझल, घनश्याम ठक्कर, साहित्य, हिंदी साहित्य, हिन्दी कविता, हिन्दी गझल, हिन्दी नेट, हिन्दी ब्लोग

मरूध्यान ना बने (मुक्तक) - घनश्याम ठक्कर1 comment

kalapiketan wrote 3 weeks ago: मरूध्यान ना बने     मुक्तक   घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: कविता, गझल, घनश्याम ठक्कर, साहित्य, हिंदी साहित्य, हिन्दी कविता, हिन्दी गझल, हिन्दी नेट, हिन्दी ब्लोग

कुछ रिश्तों के लिए5 comments

ramadwivedi wrote 1 month ago: १- तेरे प्यार का यह कैसा भरम है? नहीं पास तुम हो,नहीं दूर हम हैं। … more →

Tags: कुछ रिश्तों के लिए

दो मुक्तक 5 comments

ramadwivedi wrote 2 months ago: आह किसी की भावनाओं से,कभी खिलवाड़ मत करना, अगर न कर सको तुम प्यार का इ … more →

Tags: दो मुक्तक

चतुर2 comments

दरभंगिया wrote 3 months ago: अवकाश से लौटते हुए एक हमसफ़र बच्चे से पूछा मुझे भी अपने साथ ले चलोगे मैं तुम्हारे साथ तुम्हारे कमरे म … more →

Tags: हास्य व्यंग्य, हिन्दी, कविता, मशखरी, Funny, hindi, Jokes, Kavita, Poem

इन्द्रधनुषी शुभकामनाएँ....9 comments

ramadwivedi wrote 3 months ago: रंगीन पर्व पर मुक्तक प्रस्तुत हैं….. 1- इठलाती-इतराती सी होली है आई यारो, रूठों … more →

Tags: इन्द्रधनुषी शुभकाम

The back bencherz 19 comments

Shubhashish Pandey wrote 6 months ago: ये गाना कॉलेज टाइम में अपने Back Bencher साथियों के लिए लिखा था जिसे आज यहाँ प्रकाशित कर रहा हूँ. सब … more →

Tags: Hasya kavita, Kavita, कला, कविता, शुभाशीष, शेर, हास्य, हास्य कविता, हास्य व्यंग

थोडा रोने के बाद24 comments

Shubhashish Pandey wrote 8 months ago: कमबख्त! अजीब खेल है ये इश्क और दीवानगी का, चैन उम्मीद करते हैं खुद को कांटे चुभोने के बाद, क्या चला … more →

Tags: Kavita, Shayari - Muqtak, कला, कविता, शायरी, शुभाशीष, शेर, muqtak, Shayari

मुक्तक (हवा और आग)

ramadwivedi wrote 8 months ago: १-    हवाएं तन को सहलाती भी हैं,         हवाएं तन को तपाती भी हैं।                        हवा जीवन क … more →

नमन5 comments

Shubhashish Pandey wrote 10 months ago: शिक्षक दिवस के अवसर पर ये चार पंक्तियाँ गुरुजनों को समर्पित … ज्ञान से ज्यादा मूल्यवान क्या है … more →

Tags: Shayari - Muqtak, कला, कविता, शायरी, शिक्षक, शिक्षक दिवस, शुभाशीष, शेर, Kavita

कैसा रिश्ता है .. ना बनता है ना बिखरता है 5 comments

Shubhashish Pandey wrote 10 months ago: 1) अक्सर कुछ उदास हो एक मोड़ पे आ ठहरता है, जाने कौन सा रिश्ता है ये .. ना बनता है ना बिखरता है ! 2) … more →

Tags: Shayari - Muqtak, कला, कविता, दोस्ती, शायरी, शुभाशीष, शेर, dosti, Kavita

गर मेरे इश्क का पता तेरी यादों को लग जाये6 comments

Shubhashish Pandey wrote 11 months ago: दर्द कितना हो पर आंखे आसूवों को रोने नहीं देतीं मेरी बेखुदी मेरे इश्क की खबर तेरी यादों को भी नहीं ह … more →

Tags: Shayari - Muqtak, कला, कविता, दोस्ती, शायरी, शुभाशीष, शेर, dosti, Kavita

चार पंक्तियाँ दोस्तों के लिए10 comments

Shubhashish Pandey wrote 11 months ago: चाह के भी जिससे कोई राज छुपाया नहीं जाता है कभी हँसाता कभी रुलाता पर हर पल साथ निभाता है खून का तो न … more →

Tags: Shayari - Muqtak, कला, कविता, दोस्ती, शायरी, शुभाशीष, शेर, dosti, Kavita

कोशिश कर के हार गए7 comments

Shubhashish Pandey wrote 11 months ago: दिल में दर्द दबाने की आँखों में नमी छुपाने की हर कोशिश कर के हार गए हम तेरी याद भूलाने की तेरी चाहत … more →

Tags: Shayari - Muqtak, Shubhashish, Sher, Kavita, कला, शेर, कविता, शुभाशीष, muqtak

इश्क ने यहाँ कितनों को कोई और मुकद्दर दिया 6 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: इश्क ने यहाँ कितनों को कोई और मुकद्दर दिया दिल को तन्हाई तो आँखों को समंदर दिया इबादत-ए-इश्क में जिस … more →

Tags: Shayari - Muqtak, कला, कविता, शायरी, शुभाशीष, शेर, Kavita, muqtak, Shayari

किसी कोने में6 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: ऐसा नहीं की अब सब कुछ बदल गया पर हाँ हमने खुद को जरुर बदल डाला है कुछ हासिल नहीं होता छटपटाने से सो … more →

Tags: Kavita, कला, कविता, शायरी, शुभाशीष, शेर, muqtak, Shayari, Shayari - Muqtak

इश्क भी क्या चीज़ है23 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: “अरे इतनी सी बात पे परेशान होने की क्या जरुरत ये लो तुम मेरी फाइल दिखा देना,हाँ मेरी राइटिंग थ … more →

Tags: Shayari - Muqtak, कला, कविता, शायरी, शुभाशीष, शेर, Kavita, muqtak, Shayari

रात भर12 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: दर्द सीने में सिसकता रहा है रात भर, यादों का सिलसिला चलता रहा है रात भर, एक बार फिर से माफ़ कर दूं उ … more →

Tags: Shayari - Muqtak, कला, कविता, शायरी, शुभाशीष, शेर, Kavita, muqtak, Shayari

निशानी7 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: समझ नहीं आता की क्या कर डालूँ मैं तुम्हें बदलने की कोशिश करूं या खुद को बदल डालूँ मैं अब और यही दर्द … more →

Tags: Kavita, कला, कविता, शायरी, शुभाशीष, शेर, muqtak, Shayari, Shayari - Muqtak


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “मुक्तक”:
Technorati Del.icio.us IceRocket