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Blogs about: मुक्तक

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शायरियां

Maheep Saraf wrote 1 hour ago: तेरे चेहरे पर ये गुस्सा ग़ज़ब हे, बहुत सताता हे याद तो इसकी भी आती हे, तेरे जाने के बाद — … more →

Tags: शायरी, साहित्य, हिन्दी, Romantic, Shayari, hindi, Literature, Maheep, Maheep Saraf

कुछ और शायरी2 comments

Maheep Saraf wrote 1 month ago: चाँद को देखता था हर रोज़ आसमान में, कभी ये मेरे भी करीब होगा आज मुट्ठी में हे चांदनी मगर, हथेली की त … more →

Tags: Hindi Poems: Romantic, Hindi Poems, Romantic, Life, हिन्दी, साहित्य, कविता, hindi, Poem

शायरी/मुक्तक4 comments

Maheep Saraf wrote 1 month ago: लोग मिलतें हैं महफिलों में, हज़ार चेहरों को बदल कर काम के वक़्त किसी भी अपने का चेहरा नहीं मिलता … more →

Tags: कविता, साहित्य, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Life, Romantic, शायरी, hindi

मरूध्यान ना बने (मुक्तक) - घनश्याम ठक्कर1 comment

kalapiketan wrote 5 months ago: मरूध्यान ना बने     मुक्तक   घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: Oasis Thacker, घनश्याम ठक्कर, हिन्दी कविता, कविता, हिन्दी ब्लोग, हिन्दी नेट, Gazal, हिन्दी गझल, Ghanshyam Thakkar

मरूध्यान ना बने (मुक्तक) - घनश्याम ठक्कर1 comment

kalapiketan wrote 5 months ago: मरूध्यान ना बने     मुक्तक   घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: Oasis Thacker, घनश्याम ठक्कर, हिन्दी कविता, कविता, हिन्दी ब्लोग, हिन्दी नेट, Gazal, हिन्दी गझल, Ghanshyam Thakkar

कुछ रिश्तों के लिए5 comments

ramadwivedi wrote 6 months ago: १- तेरे प्यार का यह कैसा भरम है? नहीं पास तुम हो,नहीं दूर हम हैं। नहीं देते हँसने,नहीं देते रोने, ते … more →

Tags: कुछ रिश्तों के लिए

दो मुक्तक 5 comments

ramadwivedi wrote 7 months ago: आह किसी की भावनाओं से,कभी खिलवाड़ मत करना, अगर न कर सको तुम प्यार का इकरार मत करना, भस्म हो जाता लोहा … more →

Tags: दो मुक्तक

इन्द्रधनुषी शुभकामनाएँ....9 comments

ramadwivedi wrote 8 months ago: रंगीन पर्व पर मुक्तक प्रस्तुत हैं….. 1- इठलाती-इतराती सी होली है आई यारो, रूठों को मनाने को हो … more →

Tags: इन्द्रधनुषी शुभकाम

The back bencherz 22 comments

Shubhashish Pandey wrote 10 months ago: ये गाना कॉलेज टाइम में अपने Back Bencher साथियों के लिए लिखा था जिसे आज यहाँ प्रकाशित कर रहा हूँ. सब … more →

Tags: Hasya kavita, Kavita, कला, कविता, शुभाशीष, शेर, हास्य, हास्य कविता, हास्य व्यंग

थोडा रोने के बाद26 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: कमबख्त! अजीब खेल है ये इश्क और दीवानगी का, चैन उम्मीद करते हैं खुद को कांटे चुभोने के बाद, क्या चला … more →

Tags: Kavita, Shayari - Muqtak, कला, कविता, शायरी, शुभाशीष, शेर, muqtak, Shayari

मुक्तक (हवा और आग)

ramadwivedi wrote 1 year ago: १-    हवाएं तन को सहलाती भी हैं,         हवाएं तन को तपाती भी हैं।                        हवा जीवन क … more →

नमन5 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: शिक्षक दिवस के अवसर पर ये चार पंक्तियाँ गुरुजनों को समर्पित … ज्ञान से ज्यादा मूल्यवान क्या है … more →

Tags: Shayari - Muqtak, कला, कविता, शायरी, शिक्षक, शिक्षक दिवस, शुभाशीष, शेर, Kavita

कैसा रिश्ता है .. ना बनता है ना बिखरता है 12 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: 1) अक्सर कुछ उदास हो एक मोड़ पे आ ठहरता है, जाने कौन सा रिश्ता है ये .. ना बनता है ना बिखरता है ! 2) … more →

Tags: Shayari - Muqtak, कला, कविता, दोस्ती, शायरी, शुभाशीष, शेर, dosti, Kavita

गर मेरे इश्क का पता तेरी यादों को लग जाये8 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: दर्द कितना हो पर आंखे आसूवों को रोने नहीं देतीं मेरी बेखुदी मेरे इश्क की खबर तेरी यादों को भी नहीं ह … more →

Tags: Shayari - Muqtak, Shubhashish, Sher, Kavita, कला, शेर, कविता, शुभाशीष, muqtak

चार पंक्तियाँ दोस्तों के लिए10 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: चाह के भी जिससे कोई राज छुपाया नहीं जाता है कभी हँसाता कभी रुलाता पर हर पल साथ निभाता है खून का तो न … more →

Tags: Shayari - Muqtak, कला, कविता, दोस्ती, शायरी, शुभाशीष, शेर, dosti, Kavita

कोशिश कर के हार गए7 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: दिल में दर्द दबाने की आँखों में नमी छुपाने की हर कोशिश कर के हार गए हम तेरी याद भूलाने की तेरी चाहत … more →

Tags: Shayari - Muqtak, Shubhashish, Sher, Kavita, कला, शेर, कविता, शुभाशीष, muqtak

इश्क ने यहाँ कितनों को कोई और मुकद्दर दिया 6 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: इश्क ने यहाँ कितनों को कोई और मुकद्दर दिया दिल को तन्हाई तो आँखों को समंदर दिया इबादत-ए-इश्क में जिस … more →

Tags: Shayari - Muqtak, Shubhashish, Sher, Kavita, कला, शेर, कविता, शुभाशीष, muqtak

किसी कोने में6 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: ऐसा नहीं की अब सब कुछ बदल गया पर हाँ हमने खुद को जरुर बदल डाला है कुछ हासिल नहीं होता छटपटाने से सो … more →

Tags: Kavita, Shubhashish, Sher, कला, शेर, कविता, शुभाशीष, muqtak, Shayari

इश्क भी क्या चीज़ है30 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: “अरे इतनी सी बात पे परेशान होने की क्या जरुरत ये लो तुम मेरी फाइल दिखा देना,हाँ मेरी राइटिंग थ … more →

Tags: Shayari - Muqtak, कला, कविता, शायरी, शुभाशीष, शेर, Kavita, muqtak, Shayari


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