Lost your password?

Blogs about: मुदाम

वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है

विनय wrote 1 year ago: वह जो मेरे ज़ख़्म गिनता है तो कहता है बस इतने ही! ख़िज़ाँ आयी बहार लौट गयी निशान रह गये इतने ही उसने न … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, वक़्त, time, Reminisce, याद, दीवाना, बहार, सदा

इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं

विनय wrote 2 years ago: इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं दीजिए अगर आपको इल्ज़ाम देने हैं और कौन दूसरा सितम-परस्त होगा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, Blame, प्यार, मोहब्बत, नज़र, इम्तिहाँ, Cruelty


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS