तुम जिस तरह से देखती हो मुस्कुराकर मुझे मेरी रूह भी पाकीज़गी का एहसास करती है, … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम जिस तरह से देखती हो मुस्कुराकर मुझ … more →
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तुमने हमसे हमको चुराया दिल में अपने हम … more →
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: एक दोस्त मेरा भी हो एक यार मेरा भी हो जि … more →